नई दिल्ली, 07 नवंबर 2025
दिल्ली सरकार के एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में डॉ. भीमराव आम्बेडकर के नाम पर बने नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि बाबा साहेब ने इसी दिन अपनी औपचारिक शिक्षा की शुरुआत की थी। ऐसे शुभ अवसर पर शिक्षा के इस केंद्र में आम्बेडकर सभागार का उद्घाटन भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जहाँ वे न केवल शिक्षा प्राप्त करेंगी बल्कि बाबा साहेब के विचारों और संघर्षों को गहराई से समझ पाएँगी।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने हमेशा “नेशन फर्स्ट” की भावना को सर्वोपरि रखा। देश के बँटवारे के समय उनके सामने कई विकल्प थे, लेकिन उन्होंने भारत में रहकर संविधान निर्माण का दायित्व संभाला और पूरे देश को समानता, अधिकार और न्याय की नींव प्रदान की। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब ने हमें केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और भागीदारी का भी संदेश दिया। समाज में समरसता तभी संभव है जब हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित हो, और आज विभिन्न समुदायों की शासन तथा संस्थागत भागीदारी बढ़ना इसी सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रमाण है।
श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार गरीब और वंचित वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर लगातार काम कर रही है। इस वर्ष बाबा साहेब की जयंती को दिल्ली सरकार ने पहली बार इतने भव्य स्तर पर आयोजित किया और इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। साथ ही, मंत्रालय पहली बार 26 नवंबर को संविधान दिवस बड़े पैमाने पर मनाने जा रहा है, जिसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, समाज कल्याण और एससी/एसटी कल्याण से जुड़े बजट में लगभग 70 फीसदी की वृद्धि की है। वंचित वर्ग के छात्रों के लिए बंद पड़े हॉस्टलों को दोबारा शुरू करने के साथ-साथ नए हॉस्टलों के निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। गरीब और वंचित समाज को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए डीएसएफडीसी का पुनर्गठन भी किया जा रहा है, जिससे ज़्यादा लोगों तक सहायता पहुँच सके।
कार्यक्रम में प्रो. बलराम पाणी, प्रो. गजेंद्र सिंह, प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी, प्रो. वसुबेन त्रिवेदी, प्रो. दिनेश खट्टर, डॉ. विक्रम सिंह चौधरी, डॉ. लीना देवी, डॉ. रूपेश कुमार चौहान, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार निम और डॉ. गौरव पंवार समेत अनेक शिक्षाविद, सम्मानित नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।





