दिल्ली पुलिस की एक साहसिक कार्रवाई में कुख्यात स्नैचर्स का आतंक थम गया। द्वारका जिले की सड़कों पर 30 किलोमीटर तक चली रोमांचक पुलिस पीछा-यात्रा के बाद पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा। दोनों आरोपी – परमिंदर सिंह उर्फ प्रिंस और अमनदीप उर्फ गोलू – पर करीब 30-30 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, डकैती, लूटपाट, हथियारबंदी और शराब तस्करी शामिल हैं।
घटना 27 अगस्त को शुरू हुई जब सेक्टर-10 द्वारका में एक अध्यापिका का मोबाइल फोन दो बाइक सवार स्नैचर्स ने छीन लिया। कुछ ही देर बाद, सेक्टर-4 में उन्होंने एक महिला का पर्स भी झपट लिया। लगातार वारदातों से इलाके में दहशत फैल गई। तभी पुलिस टीम ने सक्रिय होकर न सिर्फ सीसीटीवी फुटेज खंगाले बल्कि तकनीकी मदद से मोबाइल की लोकेशन भी ट्रैक की।
इसके बाद शुरू हुआ अपराधियों के खिलाफ फिल्मी अंदाज वाला पीछा। भीड़भाड़ वाली सड़कों और व्यस्त बाजारों से गुजरते हुए पुलिस ने अपराधियों को 30 किलोमीटर तक दौड़ाया। कभी बाइक से छुपते, कभी रास्ता बदलते और कभी भीड़ में गुम होते दोनों आरोपी आखिरकार पुलिस के हौसले के आगे हार गए। इंस्पेक्टर राजत मलिक और उनकी टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आरोपियों को सेक्टर-10 द्वारका में घेरकर पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, नकदी, आभूषण, मेट्रो कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई। यही नहीं, पुलिस ने उनके कपड़े भी जब्त किए, जिन्हें वे वारदात के दौरान पहनते थे। जांच में सामने आया कि अमनदीप हाल ही में 18 अगस्त को जेल से छूटा था और बाहर आते ही अपने साथी के साथ लगातार वारदातों को अंजाम देने लगा।
पुलिस ने अब तक 12 मामलों का खुलासा कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ लोहे जैसी मज़बूत केस फाइल तैयार कर दी है। अदालत ने पहले से ही अमनदीप के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर रखा था, जिसे अब लागू किया जा रहा है। साथ ही पुलिस विभिन्न जिलों में इनके जमानत रद्द करने की कार्रवाई भी कर रही है ताकि यह दोनों फिर से जेल से बाहर न निकल सकें।
द्वारका जिले के डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से दिल्ली में हाल ही में हुई कई स्नैचिंग घटनाओं की गुत्थी सुलझ गई है। जिन पीड़ितों कीमती सामान खो चुके थे, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। उन्होंने इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
दिल्ली की सड़कों पर लूट और स्नैचिंग के दम पर आतंक मचाने वाले दोनों बदमाश अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। पुलिस का दावा है कि इनकी गिरफ्तारी से न केवल दर्जनों मामलों का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है







