नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित 29वां दिल्ली बुक फेयर इन दिनों किताबों के प्रेमियों के लिए एक जादुई अनुभव बन गया है। भीड़ से गुलजार गलियों, किताबों के अंबार और ज्ञान की खुशबू से महकता यह मेला हर उम्र, हर रुचि और हर भाषा के पाठकों के लिए अनोखा आकर्षण बना हुआ है।
10 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में देशभर से पुस्तक प्रेमी उमड़ रहे हैं। कोई हिंदी साहित्य की गहराइयों में डूब रहा है, तो कोई अंग्रेज़ी उपन्यासों की नई कहानियों से रूबरू हो रहा है। वहीं छात्रों के लिए स्टेशनरी, रजिस्टर, नोटबुक्स और शैक्षणिक सामग्री की बहुलता इस आयोजन को और भी उपयोगी बना रही है।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल पुस्तकें बेचना नहीं, बल्कि भारत की भाषाई विविधता का उत्सव मनाना भी है। मेले का आयोजन इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) द्वारा फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) के सहयोग से किया गया है। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि इस बार का बुक फेयर न सिर्फ़ किताबों का एक बाज़ार है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप भी ले चुका है जहाँ पाठक और प्रकाशक आपस में सीधा संवाद कर पा रहे हैं।

मेला स्थल पर घूमते हुए आप देख सकते हैं कि कैसे छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, और आम पाठकों की भीड़ हर स्टॉल पर रुचि के साथ किताबें देख रही है, पढ़ रही है, और खरीद रही है। बच्चों के लिए भी विशेष बाल साहित्य, एक्टिविटी बुक्स और रोचक कहानियों की भरमार है।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में भी लिखे शब्दों का आकर्षण कम नहीं हुआ है। चाहे कोई साहित्य का गंभीर पाठक हो या महज़ एक कैज़ुअल रीडर, हर कोई यहां कुछ नया खोज रहा है।







