पांच महीने की लगातार निगरानी के बाद दो वांछित ड्रग सप्लायर गिरफ्तार

दिल्ली। राजधानी में मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पांच महीने की लंबी और सतर्क निगरानी के बाद दो बड़े ड्रग सप्लायर्स को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए दोनों आरोपी न केवल प्रमुख गांजा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे बल्कि फरवरी में हुई भारी गांजा जब्ती के बाद से फरार चल रहे थे।

राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच की WR-I यूनिट की टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त श्री अजय कुमार के नेतृत्व में एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर विजय उर्फ बीजू और विनीत कुमार उर्फ रहीस, दोनों निवासी सीकर, राजस्थान को मायापुरी फ्लाईओवर के पास कीर्ति नगर इलाके से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी लंबे समय से उड़ीसा और आंध्र प्रदेश की सीमा से गांजा खरीदकर दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में सप्लाई कर रहे थे।

इससे पहले इसी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों को फरवरी 2025 में 156 किलो से अधिक गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। तभी से ये दोनों फरार थे और पुलिस को लगातार चकमा दे रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर-जमानती वारंट और उद्घोषणा आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन दोनों ने कई महीनों तक आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में जगह बदल-बदल कर खुद को छुपाए रखा।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि विजय उर्फ बीजू पहले भी गांजा तस्करी के आरोप में राजस्थान में जेल जा चुका है और रिहा होते ही उसने अपने चचेरे भाई विनीत और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर दुबारा यह अवैध धंधा शुरू कर दिया था। वहीं विनीत कुमार उर्फ रहीस दुबई से लौटने के बाद इस नेटवर्क का हिस्सा बना और पूरे गिरोह के वित्तीय लेनदेन से लेकर तस्करी के रूट तक की जिम्मेदारी संभालने लगा। दोनों व्हाट्सएप कॉल और कई सिम कार्ड बदलकर दिल्ली और राजस्थान में गांजा की आपूर्ति का पूरा नेटवर्क चला रहे थे।

क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 9 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इन्हें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में उन जगहों पर लेकर जाएगी जहां से गांजा खरीदा और सप्लाई किया जाता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी में मादक पदार्थों के अवैध धंधे पर बड़ी चोट पड़ी है और इस रैकेट से जुड़े बाकी लोगों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।

क्राइम ब्रांच की यह कामयाबी न सिर्फ दिल्ली बल्कि एनसीआर क्षेत्र में नशे के कारोबार पर बड़ी रोकथाम मानी जा रही है।

  • Leema

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