प्रगति मैदान में आज शुरू हुए 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) 2025 में इस बार एक अनोखा स्टॉल हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। महाराष्ट्र की मिट्टी से जन्मी पारंपरिक टेराकोटा क्ले आर्ट यहां भारतीय इतिहास को एक नई कलात्मक भाषा में बयां कर रही है। यह स्टॉल पूरी तरह हाथों से तैयार की गई कलाकृतियों से सजा है, जिनमें खूबसूरत होल्डर्स, मिट्टी की की-चेन्स, मनमोहक पेंटिंग्स और पत्थरों पर बारीकी से बनाई गई मिनी स्टोन आर्ट शामिल हैं। हर कलाकृति में कलाकारों का हुनर, धैर्य और भारतीय विरासत की गहरी जड़ें दिखाई देती हैं।
14 से 27 नवंबर 2025 तक चलने वाले इस मेले के पहले ही दिन इस स्टॉल ने आगंतुकों का दिल जीत लिया। लोग इसकी तरफ खिंचे चले आ रहे हैं और हर आर्ट पीस में छिपी भारतीय इतिहास की झलक को महसूस कर रहे हैं। यह स्टॉल न सिर्फ कला का प्रदर्शन है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत अनुभव भी है।







