दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और सशक्त बनाते हुए दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की एक नई अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा को हरी झंडी दिखाई। नई बस सेवा कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे से सोनीपत बस स्टैंड तक चलेगी। यह कदम दिल्ली सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत जल्द ही दिल्ली और एनसीआर के अन्य शहरों के बीच भी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।
कश्मीरी गेट स्थित महाराणा प्रताप अंतरराज्यीय बस अड्डे पर आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री के साथ परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने तीन इलेक्ट्रिक बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। ये अत्याधुनिक बसें वातानुकूलित हैं और इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन तथा जीपीएस सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि “दिल्ली सरकार एनसीआर के शहरों के साथ फिर से बस सेवाओं को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिन्हें वर्षों पहले बंद कर दिया गया था। नई इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों को सस्ती, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प प्रदान करेंगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि प्रदूषण पर भी नियंत्रण मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य दिल्ली और उसके आस-पास के राज्यों के बीच आवागमन को सुदृढ़ बनाना है। “लोगों के सहयोग और विश्वास से हम सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं,” उन्होंने कहा।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि “कई वर्षों से दिल्ली और एनसीआर के बीच बस सेवाएं ठप थीं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क पर असर पड़ा था। अब स्वच्छ और शून्य उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक बसों के ज़रिए हम उस कड़ी को फिर से जोड़ रहे हैं। आने वाले समय में ऐसी सेवाएं अन्य शहरों तक भी विस्तारित की जाएंगी ताकि सार्वजनिक परिवहन और भी हरित और कुशल बन सके।”
नयी बस सेवा के तहत प्रतिदिन छह ट्रिप संचालित होंगी — तीन दिल्ली से सोनीपत और तीन सोनीपत से दिल्ली की दिशा में। मार्ग में जीटीबी नगर, आजादपुर, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मुखरबा चौक, अलीपुर, दिल्ली-सिंघु बॉर्डर, कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया, टीडीआई सिटी, राय, बहालगढ़ और फज़िलपुर जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे।
दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी को हरित, तकनीकी रूप से उन्नत और सतत परिवहन प्रणाली की ओर अग्रसर करने का एक और बड़ा प्रयास है।





