नई दिल्ली, 3 मार्च 2026। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने रोहिणी स्थित आशा किरण होम में दिव्यांग और मानसिक रूप से विशेष बच्चों के साथ होली मनाकर उत्सव को सामाजिक समावेश का संदेश दिया। मंत्री ने बच्चों के साथ रंगों की खुशियां साझा कीं, उनका हालचाल जाना और कहा कि इन विशेष बच्चों की मुस्कान ही सरकार के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है।
उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अपनापन, समानता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष दीवाली, रक्षाबंधन और अपना जन्मदिन भी आशा किरण सहित अन्य संस्थानों में रह रहे दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के साथ मनाते हैं। उनके अनुसार यह परंपरा नहीं, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्गों के प्रति उनकी व्यक्तिगत और सरकारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार दिव्यांग और मानसिक रूप से विशेष बच्चों के समग्र विकास, बेहतर देखभाल और पुनर्वास के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को सशक्त किया जा रहा है तथा सभी संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर में प्रस्तावित स्कूल-कम-होम के लिए आवंटित भूमि के निरीक्षण का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। दिव्यांगजनों और उनके परिवारों के लिए ₹6,000 प्रतिमाह ‘अटेंडेंट अलाउंस’ की व्यवस्था की गई है, वहीं पैरालंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं के लिए करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर दिव्यांग और विशेष बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण देखभाल और उज्ज्वल भविष्य मिले। सशक्त दिव्यांग नागरिक ही विकसित दिल्ली की मजबूत नींव हैं।






