21/08/2019    पालिका परिषद् अध्यक्ष ने लोधी गार्डन में रूद्राक्ष और कल्पवृक्ष के पौधे लगाये
नई दिल्ली क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बरकरार रखने और इसे पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् ने ‘जलशक्ति-अभियान‘ के अन्र्तगत लोधी गार्डन की झील के पानी को साफ करके उपयोग में लाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है ।

लोधी गार्डन ब्रिटिश समय का ऐसा सार्वजनिक पार्क है जो अब 90 एकड़ में फैला हुआ है, इसका समृð हरियालीमय वातावरण अब नई दिल्ली में रहने वालो को साफ हवा का एक महत्वपूर्ण स्वस्थ श्वसनतंत्र भी प्रदान कर रहा है ।‘‘

यह बात आज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष विजय कुमार देव ने लोधी गार्डन में कही, जब पालिका परिषद् द्वारा लोधी गार्डन की झील के पानी को साफ करके उसे पुनः उपयोग किए जाने की योजना की समीक्षा करने आए थें । इस अवसर पर देव ने लोधी गार्डन और कल्पवृक्ष और रूद्राक्ष के पौधे भी लगाए।

लोधी गार्डन की झील के पानी को संरक्षित किए जाने की योजना की समीक्षा करते हुए देव ने संबंधित सभी अधिकारियों को इस योजना को विधिवतरूप से नियत समय में पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए । उन्होंने यहां पर लावारिस कुत्तों के लिए एक अलग से काॅरिडोर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे वें यहॉ के अन्य जीवजन्तुओं के लिए हानिकारक नहीं हो ।

पालिका परिषद् के उद्यान विभाग द्वारा लोधी गार्डन की बहुत अच्छी प्रकार से देख रेख करने के लिए सराहाना करते हुए कहा कि यह उद्यान दिल्ली के हृदय में बसा हुआ एक बहुत ही संुदर उद्यान है, जहॉ पर दिल्ली जैसे राजधानी शहर में होने वाले शहरी तनाव को दूर करने के लिए सुकून से बैठा जा सकता है । इसी लिए यहॉ रोजाना सुबह और शाम साफ-सुथरी हवा और स्वस्थ वातावरण का आनन्द लेने और घुमने के लिए हजारों लोग आते हैं।

उन्होनें यह भी बताया कि दक्षिणी दिल्ली के रोटरी कलब ने यहॉ के लिए जलशोधन संयंत्र उपलब्ध कराया है । इसके माध्यम से यहॉ की झील की तलहटी में उगाने वाले काई को भी उपयोगी खाद में परिवर्तित किया जा सकेगा । इसके लिए रोटरी कलब ने पालिका परिषद् के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं । इस समझौते के माध्यम से लोधी गार्डन की झील के पानी को ही नहीं अपितु झील को भी संरक्षित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेगें ।

देव ने बताया कि इस झील के पानी को जैविक प्रक्रिया द्वारा ही प्राकृतिक जैविकों और इनजाइनों के द्वारा साफ किया जाएगा । इससे पानी की वास्तविक प्रकृति और प्रवृति को बिना नुकसान पहॅुंचाए ऐसे साफ किया जाएगा कि पानी में बदबू नहीं आएगी ।

इस अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् की सचिव श्रीमती रश्मि सिंह ने लोधी गार्डन में बतखों के रहने के लिए उपलब्ध कराए गए प्राकृतिक आवासीय वातावरण की विशेष जानकारी देते हुए बताया कि यहॉ बतखों के सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में रहने के लिए विशेष परिसर बनाए गए हैं, जहॉ विभिन्न प्रकार की बतखों को रहने के लिए सुगम और सुलभ स्थान दिया गया है । उन्होंने यह भी कहा कि इन बतखों और उनके अंडों को अन्य जीव-जन्तुओं से बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय भी किए जा रहे हैं ।



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