20/06/2015  लाहौल घाटी में पुलों व सड़कों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश
प्रदेश सरकार प्रत्येक गांव को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध
त्रिलोकीनाथ में कला केन्द्र के मंच एवं मेला मैदान का शिलान्यास
केलंग मेें रखी खादी ग्रामोद्योग भवन की आधारशिला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लाहौल घाटी में सड़कों की खराब स्थिति एवं कुछ पुलों के अधूरे कार्यों का कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि घाटी में पुलों के निर्माण और सड़कों के रखरखाव से संबंधित कार्यों में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पिति के केलांग, झालमा और उदयपुर में जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे के बन्द होने से घाटी में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों के अधिकारियों को वाहनों की आवाजाही के लिए रोहतांग दर्रे के बन्द होने से पूर्व सभी आवश्यक सामग्री एकत्रित करने के निर्देश दिए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि चन्द्रभागा नदी और म्याद घाटी में दोनों ओर अवस्थित गांवों को जोड़ने वाले मुख्य पुलों का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक गांव को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने म्याद घाटी में कुछ अधूरे पुलों के निर्माण कार्य पर कड़ा संज्ञान लिया तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चैलिंग, करपाट और नालदा पुलों को नवम्बर, 2015 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि साईफन-झूंडा सिंचाई योजना और अन्य लम्बित सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं इन कार्यों की प्रगति का अनुश्रवण करेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए और जिन योजनाओं में मुरम्मत की आवश्यकता है, वह शीघ्र अतिशीघ्र की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक योजना चाहे वह लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग की हो, का आॅडिट किया जाएगा तथा वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में इसे दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को केवल अपनी निर्धारित समयवधि काटने के मन से ही जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं नहीं देनी चाहिए बल्कि उन्हें अपनी जिम्मेवारियों के प्रति समर्पित होना चाहिए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्कूलों के स्तरोन्नयन की मांग पर नियमानुसार विचार करने के उपरान्त आवश्यकतानुसार स्तरोन्नयन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को उपायुक्त ने केलांग एवं उदयपुर उपमण्डल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की  ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 12.50 लाख रुपये का चेक भेंट किया। 
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने त्रिलोकीनाथ में 48 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कला केन्द्र के मंच एवं मेला मैदान का शिलान्यास किया। उन्होंने केलांग में 56.66 लाख रुपये की लागत से पुलिस मैदान के विस्तारीकरण कार्य और 2.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले खादी ग्रामोद्योग भवन की आधारशिलाएं रखीं। उन्होंने उदयपुर में नवनिर्मित स्पोर्टस स्टेडियम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने केलांग नवनिर्मित जिमनेजियम का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान त्रिलोकीनाथ मन्दिर तथा मृकुला देवी मन्दिर में पूजा अर्चना भी की।
प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर कहा कि युवा कांग्रेस घाटी के युवाओं के मुद्दों को प्रदेश सरकार के साथ प्रभावी तरीके से उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कौशल विकास निगम खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि निगम बड़े औद्योगिक घरानों और विभिन्न परियोजनाओं के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए भूमिका तैयार करेगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक रवि ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र की मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।
इस अवसर पर वूल फैडरेशन के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ठाकुर, राज्य खादी बोर्ड के अध्यक्ष रमेश चैहान, हिमफैड के अध्यक्ष अजय बहादुर, जिला परिषद सदस्य शशी किरण, जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक ठाकुर, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य प्यारे लाल, उपायुक्त हंस राज चैहान, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
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