09/04/2016  कैंसर पीड़ित महिला को मित्तल हॉस्पिटल से मिली बड़ी राहत
अजमेर (कलसी) । राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े मित्तल हॉस्पिटल की सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ वंचित वर्ग नि:शुल्क उठाने लगा है। सीकर की रहने वाली एक महिला ने मित्तल हॉस्पिटल में ब्रेस्ट कैंसर का उपचार कराकर भामाशाह योजना अन्तर्गत स्वास्थ्य लाभ पाया। पीड़िता के पुत्र ने कहा कैंसर से पिता को खो चुका हूं। मॉं का भामाशाह योजना में नि:शुल्क उपचार होने के लिए राज्य सरकार का शुक्रिया करना चाहता हूं।
नीमकाथाना,सीकर निवासी राजेश कुमार अपनी मां भगवानी देवी का उपचार कराकर अजमेर से पुन: अपने गांव के लिए लौट गया। राजेश की माताजी ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थी। उन्हें गत 5 अप्रैल को मित्तल हॉस्पिटल में कैंसर सर्जन डॉ. प्रशांत शर्मा के परामर्श पर भर्ती किया गया था। राजेश ने बताया  कि वह माताजी के उपचार को लेकर दुविधा में था। उनके पिता मालीराम कश्वा वर्ष 2010 में ही स्वर्गवासी हो गए। उन्हें फेफड़े का कैंसर था। राजेश ने बताया कि वे खेती कर जीवन-यापन करते हैं। आर्थिक रूप से ज्यादा संपन्न नहीं थे, बावजूद पिता के उपचार पर करीब डेढ़ लाख रुपया खर्च हुआ फिर भी उन्हें बचा नहीं सके। माताजी की बीमारी का पता चला तो समूचा परिवार मानसिक तनाव में आ गया। उसने बताया कि माताजी के उपचार के लिए सीकर में ही डॉक्टर को दिखाया था। लगभग पचास हजार का खर्च बताया गया था। राजेश ने बताया  कि उसके एक मित्र की सलाह पर उसने माताजी के उपचार के लिए कैंसर सर्जन डॉ. प्रशांत शर्मा से संपर्क किया। माताजी को अजमेर लाकर दिखाया तो पता चला कि माताजी का रोग अभी प्रारंभिक चरण में ही है। उनके रोग का निदान संभव है।  उन्होंने माताजी के रोग के उपचार की सहमति दे दी। डॉ. प्रशांत शर्मा के साथ निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. अशोक विजय, नर्सिंग स्टाफ के यूसुफ एवं साजिद की टीम ने ब्रेस्ट कैंसर का सफल ऑपरेशन किया। राजेश ने कहा कि वह राज्य सरकार का शुक्रिया करना चाहता है कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना अन्तर्गत उनकी माताजी का नि:शुल्क उपचार संभव हो सका।
डॉ प्रशांत शर्मा ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर यदि प्रथम स्टेज में होता है कि उसके निदान के 93 प्रतिशत अवसर होते हैं। द्वितीय स्टेज में 85 प्रतिशत चांस रहता है। उन्होंने बताया कि तृतीय और चतुर्थ स्टेज में तो 50 से 15 प्रतिशत ही अवसर शेष रहता है। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर होने का ब्रेस्ट में गांठ पड़ने, निप्पल से स्त्राव होने या निप्पल पर छाला पड़ने से पता चलता है। उन्होंने बताया कि चालीस साल की उम्र पार कर चुकी महिलाओं को मेमोग्राफी और यूएसजी जांच नियमित रूप से कराने की सलाह दी जाती है।

ह्रदय रोग से पीड़ित दो अन्य रोगियों के उपचार की भी मिली स्वीकृति---
मित्तल हॉस्पिटल के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सूर्य ने बताया कि बस्सी चितौड़गढ़ निवासी छगनलाल मीणा का 29 वर्षीय पुत्र भैरूलाल ह्रदय में वाल्व की खराबी से पीड़ित हैं। भामाशाह योजना के तहत भैरूलाल के नि:शुल्क उपचार की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने बताया कि इसी तरह रावतभाटा निवासी 35 वर्षीय मीनू का भी हार्ट वाल्व बदला जाना है जिसकी भी भामाशाह योजना के तहत स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

किडनी फेलियर युवक को मिलने लगा नि:शुल्क डायलिसिस लाभ----
जानकारी के अनुसार भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नि:शुल्क उपचार लाभ पाने से पुष्कर के मनोज कुमार को बड़ी राहत मिल रही है। मनोज कुमार किडनी फेलियर श्रेणी के पीड़ित हैं। वे मित्तल हॉस्पिटल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रणवीरसिंह चौधरी से उपचार ले रहे हैं। उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस की जरूरत होती है।
मित्तल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. दिलीप मित्तल ने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल को भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए अधिकृत किया गया है। इसके तहत करीब 119 पैकेज शामिल किए गए हैं।  मित्तल हॉस्पिटल की सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं में कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरोसिक सजर्री, सर्जिकल ओंकोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी व नेफ्रोलॉजी शामिल हैं।
गौरतलब है कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ वे सभी लोग उठा सकते हैं जिनके पास भामाशाह कार्ड हो। यदि भामाशाह कार्ड ना हो तो भी यदि वे राजस्थान राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफए), व राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना(आरएसबीवाई) से संबंधित पहचान दस्तावेज रखते हैं, तो भी योजना का लाभ पा सकते हैं। राज्य सरकार ने एक अप्रेल से योजना का लाभ भामाशाह कार्ड से देना प्रस्तावित किया है, जिनके भी भामाशाह कार्ड नहीं बने हैं वे लोग भामाशाह कार्ड अब भी बनवा सकते हैं। भामाशाह योजना का लाभ पाने के लिए मरीज स्वयं अथवा मरीज के परिवारजन अस्पताल जाते समय मरीज का भामाशाह कार्ड, मरीज का फोटो पहचान पत्र साथ जरूर लेकर जाएं ।
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