14/04/2016  
35 हजार से अधिक जरूरतमंदों के उपचार ने रचा किर्तीमान: मुख्यमंत्री
 
 

रायपुर। भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप में 35 हजार से अधिक जरूरतमंदों का इस स्वास्थ्य षिविर में पहुंच उपचार कराना ही एक कीर्तिमान स्थापित करना है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का यहां पहुंचना मात्र ही यहां की बेहतर सुविधाओं का बखान कर देता है। दो हजार सोनाग्राफी, पंद्रह सौ एक्सरे, ढ़ाई हजार ईको, बीस हजार शुगर व खून की जांच, 250 लोगों का रक्त दान सहित पूरे देष-प्रदेष से प्रतिष्ठित 300 चिकित्सकों का अपनी पूरी मेडिकल टीम के साथ छः दिन सेवाएं देना ही षिविर को अद्भूत और सफल बनाने का कार्य करती है। उक्त बातेें माननीय मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह जी ने आयुर्वेद महाविद्यालय में राज्य शासन और चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित छः दिवसीय षिविर में मुख्य आतिथ्य के आंसदी से कही।  उन्होंने आगे कहा कि नवरात्र को पावन पर्व के रूप में जाना जाता है। जिसमें हम आदि शक्ति माता की आराधना करते हैं। ऐसे अवसर में गरीबों के स्वास्थ्य की चिंता कर उनकी षिविर के माध्यम से सेवा करने से बड़ा कोई भी पुनीत कार्य नहीं हो सकता है। मैं षिविर के संयोजक राजेष मूणत, चिकित्सक, मेडिकल छात्रों व उनकी पूरी टीम को साधुवाद देता हूं जिन्होंने छः दिनों तक इस महायज्ञ रूपी स्वास्थ्य षिविर में श्रम एवं सेवा रूपी आहुति दी है। सिंह ने आगे कहा कि मुझे अखबार के माध्यम से यह पढ़ने को मिलता था कि षिविर में चिकित्सक स्वयं मरीजों को ओपीडी तक पहुंचातें हैं और जांच कर उचित परामर्ष उपलब्ध कराते हैं। ऐसी अनूठी सेवा भावना मैनें आज तक किसी षिविर में नहीं सुनी। सचमुच आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य षिविर ने सेवा भाव की एक मिसाल कायम की है। यह स्वास्थ्य षिविर अन्य षिविरों के लिए एक उदाहरण का कार्य करेगी। षिविर में दस हजार से अधिक लोगों की नेत्र जांच और 7 हजार 9 सौ जरूरतमंदों को निःषुल्क चष्मा वितरित कर गोल्डन बुक वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराना भी शहर व प्रदेष को गौरान्वित करने जैसा है। समापन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रमेष बैस ने कहा कि आज के समय में चिकित्सकीय खर्च काॅफी मंहगी हो गई है। मध्यम वर्गीय परिवार को ईलाज के लिए सोचना पड़ता है, तो गरीब आदमी का आप सोच कर ही अनुमान लगा सकते हो कि उसे चिकित्सकीय ईलाज के लिए किस तरह जूझना पड़ता होगा। ऐसे में षिविर उनके लिए एक वरदान के रूप में साबित होता है जहां पर वे जाकर उचित उपचार प्राप्त कर पाते हैं। लेकिन इस षिविर ने तो यहां पर इतिहास ही रच दिया है इनकी सुविधाएं और निःषुल्क दवाओं से निष्चित ही हजारों लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। मेरी राय में इससे बड़ी सेवा और कोई नहीं हो सकती है। महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि सामान्यतः राजनीतिक व्यक्ति के पास राजनीतिक कार्य की व्यस्तता इतनी होती है कि उसके पास दूसरा कार्य करने का समय ही नहीं होता, लेकिन यहां पर राजेष मूणत जी इस परिपाटी को ही बदल कर रख देते हैं, वे न सिर्फ एक कुषल राजनीतिज्ञ है बल्कि कुषल आयोजन कर्ता के रूप में भी पहचान बना रहे हैं। जिसका अच्छा उदाहरण मेगा स्वास्थ्य षिविर है। षिविर के माध्यम से आम लोगों को रोग विषेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है। इसके लिए सभी चिकित्सकों, मेडिकल छात्र-छात्राओं और आयोजनकर्ताओं को बाधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। षिविर के संयोजक राजेष मूणत ने कहा कि इतने बड़े स्वास्थ्य षिविर का आयोजन और इसके सफल होने का एक मात्र कारण सभी लोगों में जरूरतमंदों की मदद की भावना का होना है। चिकित्सक, विभागीय कर्मचारी, मेडिकल छात्र-छात्राएं, समाजसेवी संस्थाएं एवं संगठनों व कार्यकर्ताओं में सेवा संकल्प का होना ही है जिसके कारण ही आयोजन सफल हो पाया है। मैं चिकित्सकों व मेडिकल छात्र-छात्राओं के प्रति पहले आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने एक कदम आगे बढ़कर पूरी सेवा भाव के साथ कार्य किया। मेरा आभार पूरे आयोजन टीम के साथ सभी समाजसेवी संगठनों को भी जिन्होंने पूरी तारतम्यता के साथ गरीबों की सेवा की है। गरीबों के आंखों में खुषी व चेहरे में मुस्कान देखने मात्र से हम में एक नई ऊर्जा आ जाती थी। इस वजह से ही हम पूरी सेवा भाव के साथ गरीबों की मदद कर पाएं हैं। मूणत ने कहा कि षिविर के सफल आयोजन और गरीबों की मदद के चलते हमने आगामी वर्ष के 12 जनवरी युवा दिवस के दिन से पुनः छः दिवसीय शिविर लगाने का निष्चय किया है। ताकि सभी जरूरतमंदों को लाभ प्राप्त हो सके। इधर समारोह कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक अवधेष चंदेल, सीएसआईडीसी अध्यक्ष छगन मूंदड़ा, आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, चिकित्सक सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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