12/06/2016  ६००० की ड्रग्स पकड़ी गई है अब तक पंजाब में ?
अनुराग कश्यप की फिल्म 'उड़ता पंजाब' के बहाने पंजाब में नशे को लेकर देशभर में डिबेट शुरू हो गई है। पिछले कुछ सालों में यह राज्य ड्रग्स का हब बनकर रह गया है। अफीम और भुक्की से शुरू हुआ सिलसिला हेरोइन, स्मैक, कोकीन, सिंथेटिक ड्रग्स, आइस ड्रग्स जैसे महंगे नशे में तब्दील हो चुका है। हालात ये हैं कि इसकी वजह से कई घर उजड़ गए, कई बुजुर्गों ने अपने जवान बेटों को अर्थियां दीं और नपुंसकता की वजह से कई घर टूट गए। दैनिक भास्कर ने ड्रग्स स्मगलिंग के इस गोरखधंधे और मौजूदा हालात की पड़ताल है। पंजाब में 8.6 लाख लोग ड्रग्स लेते हैं।2.3 लाख लोगों को इसकी लत है।89% पढ़े-लिखे यंगस्टर्स नशे की गिरफ्त में हैं।6000 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स पिछले पांच साल में यहां से पकड़ी गई है।17 हजार लोगों को 2013-14 में भारी दबाव के बाद गिरफ्तार किया गया था।338 तस्करों की 80 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी 2014 में जब्त की गई थी।
उस दिन चंडीगढ़ में रहने वाले तरनजीत (बदला हुआ नाम)के पांव तले जमीन खिसक गई, जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी और बेटी ने भी ड्रग्स लेना शुरू कर दिया है।दरअसल, तरनजीत लंबे वक्त से ड्रग्स के धंधे में शामिल था। घर पर ड्रग्स छिपा कर रखता था।उसे पता भी नहीं चला कि कब उसकी पत्नी और बच्ची ने उसे चखा और वे उसकी चपेट में आ गईं।वे छिप-छिप कर इसे यूज करने लगीं। ये कहानी पंजाब में ड्रग्स के कारोबार की एक बानगी भर है।नशा तस्करी बढ़ने का प्रमुख कारण पाकिस्तान है। पाकिस्तान से सटे इलाके तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का में सबसे ज्यादा नशे के मामले रहे हैं।इसके अलावा बठिंडा, मानसा, संगरूर और मुक्तसर भी नशे से प्रभावित हैं।
Copyright @ 2017.