12/07/2017  
कांग्रेस प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर प्रदेश के किसानों को भ्रमित करने का काम कर रही है
 

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि इनेलो एवं कांग्रेस प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर प्रदेश के किसानों को भ्रमित करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष प्रदेश में खराब हुई फसल के लिए किसानों को 240 करोड़ रुपये की राशि मिली है। सभी किसान फसल बीमा पर जाते तो यह राशि 840 करोड़ रुपये होती। किसानों को करीब 600 करोड़ रुपये का यह नुकसान इनेलो तथा कांग्रेसी नेताओं द्वारा प्रदेश के किसानों को योजना के प्रति गुमराह करने के कारण हुआ है।
    कृषि मंत्री आज रायपुररानी की अनाजमंडी में प्रधानमंत्री फसल बीमा जागरुकता अभियान की शुरूआत करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
    प्रदेश के सभी 22 जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के अभियान पर कृषि मंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित एवं संरक्षित करती है। उन्होंने कहा कि मात्र 500 रुपये प्रति एकड़ के भुगतान पर किसान अपनी फसल का 25 हजार रुपये का बीमा करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान हित में प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा है कि फसल बीमा के बाद किसी तरह की आपदा पर भी किसान का कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल नुकसान की एवज में आकलन के लिए पूरी तरह सरल और पारदर्शी व्यवस्था कायम की गई है। पूरी फसल के नुकसान पर मुआवजे के साथ-साथ कम उत्पादन की स्थिति पर औसत से कम हुए उत्पादन की भरपाई भी बीमा कंपनी की ओर से की जाएगी। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे अपने नफे नुकसान को सोचते हुए हर हाल में फसल का बीमा करवाएं।
    कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे देश में हरियाणा को छोडक़र कोई ऐसा राज्य नहीं है, जहां पिछले अढ़ाई वर्षों में खराब हुई फसलों के मुआवजे के रूप में किसानों को अढ़ाई हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई हो। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि वह समय भी था जब प्रदेश में किसानों को खराब हुई फसल के मुआवजे की भरपाई के लिए अढ़ाई-अढ़ाई रुपये के चैक थमाए जाते थे जबकि मौजूदा सरकार में उन्होंने स्वयं 12 लाख रुपये तक के चैक मुआवजे के रूप में किसानों को बांटे हैं। श्री धनखड़ ने कहा कि उन्होंने कृषि मंत्री बनने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल से आग्रह किया था और सरकार ने यह निर्णय लिया कि मुआवजा राशि पांच सौ रुपये से कम किसी भी स्थिति में नहीं होगी। राज्य में खराब हुई फसल की मुआवजा राशि को 6 हजार रुपये से 12 हजार रुपये तक प्रति एकड़ करने का काम मौजूदा भाजपा सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के साथ ही खाद को लेकर जो संकट प्रदेश में खड़ा हुआ था वह भी कांग्रेस सरकार की नीतियों की देन था, उन्होंने वहां मौजूद हजारों किसानों से सवाल किया कि क्या पिछले अढ़ाई वर्षों से प्रदेश में खाद का संकट है? इस पर किसानों ने सामुहिक रूप से हाथ हिलाकर इंकार किया। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वसत किया कि प्रदेश में कभी खाद की समस्या होगी भी नहीं। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को समृद्ध और उन्नत करने के उद्देश्य से कृषि, उद्यमी कृषि विकास चैंबर का भी गठन हुआ है जो हरियाणा के किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रहा है।
    कृषि मंत्री ने प्रदेश में कांग्रेस नेताओं द्वारा आयोजित की जा रही किसान पंचायत को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब भी पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एवं अन्य कांग्रेसी नेता किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हंै। तथ्य तो यह है कि स्वामी नाथन कमीशन का गठन कांग्रेस के कार्यकाल में वर्ष 2004 में हुआ था। अक्तूबर 2006 में कमीशन ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री को सौंपी। रिपोर्ट पर हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया। 2010 में इस कमेटी ने भी रिपोर्ट को लागू करने की सिफारिश की। उन्होंने कहा सवाल यह है कि 2014 तक प्रदेश व केंद्र में कांगे्रस की सरकार रही लेकिन फिर भी स्वामी नाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं की गई? कृषि मंत्री ने कहा कि सही मायनों में भाजपा सरकार स्वामी नाथन कमीशन की रिपोर्ट को लागू कर रही है। स्वामी नाथन आयोग ने किसानों के मुआवजा 10 हजार रुपये तक बढ़ाने की सिफारिश की, वहीं राज्य में इसे 12 हजार रुपये तक किया गया है। उन्होंने मंडियों को जोडऩे की बात की।  प्रदेश की सभी मंडियों को ई-मंडी के माध्यम से जोडऩे की प्रक्रिया चल रही है। कमीशन ने ब्याज का बोझ किसानों पर न डालने की बात कही है। राज्य सरकार ने कॉपरेटिव के माध्यम से ब्याज जीरो प्रतिशत तक किया। इसी तरह अच्छा भाव देने का काम भी प्रदेश में हो रहा है। गन्ने का बिना किसी बकाया के अधिकतम मूल्य  हरियाणा प्रदेश में है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का दृष्टिकोण है कि हम 2022 तक किसान की आय को दोगुणा करें। उन्होंने कहा कि स्वयं स्वामी नाथन ने भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हित में की गई सिफारिशों को कांग्रेस ने लागू नहीं किया लेकिन भाजपा सरकार इसे लागू कर रही है।
    एसवाईएल पर इनेलो एवं कांग्रेस के रूख को उन्होंने औछी राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि आज एसवाईएल के मुद्दे पर जो कुछ हरियाणा के पक्ष में है वह सर्वोच्च न्यायलय की बदौलत है। उन्होंने कहा कि किसी राजनैतिक दल का इसमें कोई योगदान होता तो प्रदेश को बहुत पहले अपने हिस्से का पानी मिल गया होता। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि इनेलो व कांगे्रस अपने राजनैतिक अस्तित्व को बचाने व झूठा श्रेय लेने की नियत से इस मसले को उछाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में माहौल खराब करने की बजाय यह धैर्य दिखाने का मौका है क्योंकि हरियाणा के पक्ष में निर्णय आया है। इस बात में कोई दोराय नहीं कि जीत हरियाणा की होगी। कृषि मंत्री श्री धनखड़ एवं विधायिका श्रीमती लतिका शर्मा की उपस्थिति में इस मौके पर बीते दिनों हुए एग्री फेस्ट पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
    इस अवसर पर कालका की विधायिका श्रीमती लतिका शर्मा ने कृषि मंत्री का जोरदार स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे हलके के लिए खुशी की बात है कि किसानों के हित में जागरुकता अभियान की शुरूआत रायपुररानी से हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों और किसानी के लिए जो उल्लेखनीय कार्य मौजूदा कृषि मंत्री कर रहे है यह अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कृषि मंत्री का रायपुररानी मंडी के लिए खरीद केंद्र को मंजूरी देने पर आभार भी जताया।
    कार्यक्रम के आयोजक किसान आयोग के अध्यक्ष श्री रमेश यादव ने कहा कि यह अभियान पूरे प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जागरूक करेगा।

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