26/07/2017  मोसुल पर संसद में बोलीं सुषमा- लापता 39 भारतीयों के मारे जाने का कोई सबूत नहीं
इराक में लापता 39 भारतीयों के खुलासे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में बयान दिया. लोकसभा में बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि ये मामला बहुत गंभीर है. उन्होंने कहा कि मैं इस बात को हंगामे के दौरान नहीं बोलूंगी, पूरा देश इस मामले को सुनना चाहता है. सुषमा बोलीं कि मैंने इस मामले पर राज्यसभा में कोई बयान नहीं दिया है.सुषमा स्वराज ने कहा कि मैं शुरू से ही लोकसभा में बयान देना चाहती थी. ये घटना हमारी सरकार आने के 20 दिन बाद की है. उस समय हरजीत ने ये बयान दिया था कि मैं मेरे सामने 39 लोगों को मार दिया गया था, और मैं भाग कर आ गया था. लेकिन हमें ना ही कहीं लाशें मिली, ना ही कोई सूची मिली, और इसलिए हम कैसे कह सकते हैं. हरजीत के बयान में काफी विरोधाभास है, जिस मुद्दे को उठाया गया था. हमने मोसुल के आस-पास तलाशी ली है, मैंने जो कुछ भी किया है वह सदन को विश्वास में लेकर किया 24 नवंबर 2014 को मैंने कहा था कि एक व्यक्ति कह रहा है कि वो मार दिए गए हैं, और 6 सूत्र कह रहे हैं कि वो जिंदा हैं तो मुझे क्या उन्हें ढूंढना नहीं चाहिए. मैंने बार-बार सदन से कहा था कि मेरे पास उनके जीवित होने का कोई सबूत नहीं है, ना ही मेरे पास उनके मारे जाने का कोई ठोस सबूत नहीं है. मैं सदन की अनुमति चाहूंगी कि अगर मेरा रास्ता सही है तो हम इसमें आगे बढ़ सके. इसके लिए मुझे बयान भी दिया गया था. तीन साल से मिसलीड करने का आरोप लगाया गया. बिना ठोस सबूत के उन्हें मरा हुआ घोषित नहीं कर सकती है, ऐसा करना पाप है मैं ये पाप कभी नहीं करुंगी. मुझे पता लगा कि इसमें टर्की से मदद मिल सकती है, मैं खुद टर्की गई थी बात करने की. पीएम ने भी इस मुद्दे पर बात की. हमारे सूत्र ऐसे वैसे नहीं हैं हमें एक देश के राष्ट्रपति, एक देश के विदेश मंत्री ने ये बताया है. मैं 12 बार पीड़ितों के परिवार से मिली हूं, मैंने हर बार कहा कि मेरे पास उनके जीवित रहने की कोई जानकारी नहीं है, मैं सूत्रों के हवाले से ये कह रही हूं. उनकी फाइल तब तक बंद नहीं कर सकते हैं जब तक कोई सबूत ना हो.सुषमा ने कहा कि अगर मैं आज कह दूं कि वो मर गए हैं पर कल को कोई जीवित हुआ तो किसे दोष देंगे. अगर किसी परिवार वाले का मुझ पर से भरोसा उठ गया है तो वे आजाद हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि वो लोग जेल में बंद हैं
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