19/02/2018  संयुक्त राष्ट्र ने पेश की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में महिलाओं की आयु भी उनकी जाति पर ही निर्भर करती है... उच्च वर्ग की महिलाओं की तुलना में दलित महिलाएं औसतन 14.6 साल कम जीती हैं...हालांकि इस आंकड़े में गरीबी साफ-सफाई पानी की कमी कुपोषण स्वास्थ्यगत समस्याओं को कारण बताया गया है..संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट रनिंग फ्रॉम मैसेज इन टू एक्शन जेंडर इक्वलिटी इन 2030 को इंस्टीट्यूट ऑफ दलित स्टडीज के एक अध्ययन को आधार बनाया है..रिपोर्ट के अनुसार दलित महिलाओं की मौत औसतन 39.5 वर्ष की उम्र में ही हो जाती है.. जबकि उच्च वर्ग कि महिलाओं की मौत औसतन 54.1 साल में होती है यह आंकड़ा वाकई देश के लिए काफी शर्मनाक है.. गरीब महिलाओं की शादी 18 साल से पहले होने को ही ज्यादा प्रायिकता दी जाती है ऐसी महिलाओं के पास खुद पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं होते ज्यादातर दलित महिलाएं भूमिहीन होती हैं इसलिए उनकी गरीबी बनी रहती है यही नहीं शिक्षा के सामाजिक भेदभाव की वजह से भी नौकरी में भी उसका शोषण होता है तथा पर्याप्त वेतन नहीं मिलता... रिपोर्ट बेशक कुछ भी कहे लेकिन आंकड़े का आधार दलित और सामान्य वर्ग न होकर गरीब व अमीर होता तो बेहतर होता.. परंतु स्थिति बेहद ही गंभीर है और इसे सामान्य करना सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है..
अनमोल कुमार

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