17/03/2018  राजधानी दिल्ली में पत्रकारों के साथ हो रहे हमले के विरोध में उप राज्यपाल को ज्ञापन
पत्रकारों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं या यूं कहें कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता को दबाने का कार्य किया जा रहा है! और तोड़ने की पुरजोर कोशिश दबंगों,नेताओं और पुलिस द्वारा की जा रही है ऐसा ही वाक्या बीते दिनों एक पत्रकार गुलाब सिंघल संपादक दैनिक वनडे टाइम के साथ हुआ! गुलाब सिंघल जोकि बुराड़ी विधानसभा से नियमित दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन करते हैं और इस क्षेत्र में प्रशासन द्वारा बरती जाने वाली लापरवाहियों के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं! इसी प्रकार पिछले दिनों गुलाब सिंघल ने अवैध निर्माणों और सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण और यातायात की उपलब्धता के खिलाफ क्षेत्रीय एसडीएम से लेकर विभिन्न सरकारी विभागो एवं आम आदमी पार्टी के कार्यालय में भी लिखित शिकायत की थी संतोषजनक कार्यवाही ना होने के कारण पत्रकार गुलाब सिंघल उच्च न्यायालय की शरण में गए! कार्यवाही से डरे व्यक्तियों ने गुलाब सिंगल को 27 फरवरी 2018 को अपने कार्यालय में बहाने से बुलाया और कार्यालय का गेट बंद कर इनके साथ मारपीट की और गुलाब सिंघल को जान से मारने की धमकी भी दी! गुलाब सिंघल अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले और उसकी सूचना पुलिस को दी पुलिस ने एक मात्र एप्लीकेशन लिखकर गुलाब सिंघल को  उपचार के लिये भेज दिया और कोई सुनवाई नहीं की! जिसके पश्चात गुलाब सिंघल क्षेत्रीय एसीपी डीसीपी से लगातार फोन से मिलने का समय मांगते रहे जो उन्हें नहीं मिला! और थाने में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए वह पुलिस की कार्यवाही से नाखुश है उन्हें पुलिस के माफियाओं से मिले होने का भी शक है! वही धरना प्रदर्शन पर बैठे लोगों ने पुलिस पर भी आरोप लगाया और ऐसी ही घटना सीलिंग के दौरान होने की भी बात कही और कहा कि जब एक कैमरामैन द्वारा पुलिस द्वारा एक व्यापारी पर हाथ उठाया जाता है वह कैमरामैन उस दृश्य की फोटो लेता है तो कैमरामैन का कैमरा छीन लिया जाता है और उसके साथ हाथापाई भी की जाती है! और उसे थाने में बैठा कर परेशान भी किया जाता है यह बिल्कुल ही गलत है क्योंकि पत्रकार तो केवल सत्य दिखाता है और गलत करने वाले कर्मचारियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए!इसलिए ही हम उपराज्यपाल के निवास स्थान के बाहर धरना प्रदर्शन के लिए बैठे हैं और मांग कर रहे हैं बिल्डर माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिले! ओर किसी भी पत्रकार के साथ भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो! और सभी पत्रकारों को एकजुट होकर अपनी एकता प्रदर्शन करना चाहिए!
समाचारवार्ता के लिए अनमोल कुमार की रिपोर्ट
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