18/03/2018  विहिप द्वारा इष्ट नाम जप अनुष्ठान प्रारम्भ।
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा भारतीय नव वर्ष के उपलक्ष्य में अनेको स्थानों पर अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण हेतु ईष्ट नाम जप, बाईक रैली, हवन के कार्यक्रम आयोजित किये गये। 24 से 26 नवम्बर तक उडुप्पी कर्नाटक में हुए 15वीं धर्म संसद में संतों द्वारा लिये निर्णय के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2075 दिनांक 18 मार्च 2018 के शुभ अवसर पर मंदिर निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने हेतु इष्ट नाम जप अनुष्ठान का शुभारम्भ करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मा. चम्पत राय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री मा. करूणा प्रकाश, राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल, केन्द्रीय सह संयोजक सोहन सिंह सोलंकी  सहित प्रांत मंत्री बचन सिंह आदि गणमान्य लोग अनेकों स्थान पर उपस्थित रहे। विहिप के केन्द्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि आज का दिन अनेक मायनों में महत्वपूर्ण है आज वास्तव में बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन प्रभु श्रीराम जी ने संकल्प लिया तो रावण जैसे आततायियों पर विजय प्राप्त की। युधिष्ठिर ने संकल्प लिया तो धर्म की स्थापना करने हेतु महाभारत पर विजय प्राप्त की और चक्रवर्ती सम्राट बने। सकों और हूणों पर विजय प्राप्त करके सम्राट विक्रमादित्य ने एक ऐसे शासन की स्थापना की जिसके बारे में कहा जाता था कि यह विक्रमादित्य का शासन है। वे न्याय प्रस्त शासक हैं इसके अलावा अनेक संत महात्मा एवं आर.एस.एस के सर संघचालक डा. हेडगेवार जी का जन्म ऐसे अनेक प्रसंग आपस में जोड़ते हैं वास्तव में इस दिन प्रकृति अपने यौवन पर होती है वसन्त ऋतु पर जो नव वर्ष प्रारम्भ हुआ है। इसे हम सूर्य भगवान की पहली किरण से मनाते हैं ना कि हम रात के अंधेरे में मदिरा पान करके। 
प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख महेन्द्र रावत के अनुसार संतों ने कहा कि आज से श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु इष्ट नाम जप अभियान शुरू किया गया है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान का समापन हनुमान जयन्ती पर होगा। आज से पूरे देश में हजारों स्थानों पर यह अभियान प्रारम्भ हुआ है समस्त देशवासी नित्य प्रति एक माला का जप अपने-अपने इष्ट के नाम करेंगे। इसका फल श्रीराम जन्मभूमि की भव्यता बनाने हेतु होगा। ऐसा संकल्प लेकर प्रत्येक हिन्दू अपने-अपने घरों में एक माला का जाप प्रतिदिन करेंगे। आज हम सब लोग संकल्प लेते हैं कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के लिए कृत संकल्प लेंगे और आगामी विक्रमी संवत् 2076 तक मंदिर का कार्य प्रारम्भ होगा। ऐसा प्रभु से हम कामना करते हैं।
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