21/08/2018  भाजपा की मदद से दिल्ली में फल-फूल रहा राशन माफ़ियाओं का कारोबार : सौरभ भरद्वाज

मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भरद्वाज ने कहा कि ये बड़ी ही हैरान करने वाली बात है की भाजपा उन अधिकारीयों का बचाव कर रही है, जिनके सहयोग से पिछले कई सालों से राशन वितरण में एक बड़े स्तर का घोटाला चल रहा है! भाजपा का ये रुख साफ़ साफ़ दर्शाता है की भाजपा राशन माफियाओं के साथ मिली हुई है! 
राशन विभाग के अधिकारीयों ने केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली में 3 लाख गरीब परिवारों के राशन कार्ड रद्द कर दिए! अगर ये राशन कार्ड फर्जी हैं तो सवाल ये उठता है कि भाजपा और भाजपा के द्वारा निर्वाचित उपराज्यपाल साहब, और सम्बंधित अधिकारी इस सवाल पर क्यों चुप है कि इन फर्जी राशन कार्डो के लिए कौन जिम्मेदार है! ये राशन कार्ड कब बने और किसके इशारे पर बने, क्या तत्कालिक शीला दीक्षित सरकार और अधिकारीयों के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई! जवाबदेही तो तय करनी पड़ेगी!  
उन्होंने कहा कि अप्रेल 2018 में दिल्ली सरकार ने राशन वितरण में एक बड़े घोटाले का पर्दा फाश किया था! दिल्ली सरकार ने पाया की एक ही मोबाइल नंबर पर हजारों राशन कार्ड रजिस्टर्ड किये हुए है! दिल्ली सरकार ने इसकी जानकारी साक्ष्यों समेत उपराज्यपाल साहब को भी दी थी! हम भाजपा और दिल्ली के उपराज्यपाल को चुनौती देते है की वो जनता के सामने आएं और बताएं की अब तक उस मसले पर क्या कार्यवाही की गई! और अगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो ये इस बात को दर्शंता है की पहले कॉंग्रेस और अब भाजपा की मिलीभगत से ही राशन वितरण में ये भ्रष्टाचार फल फूल रहा है! 
जमीनी हकीकत को जाने बिना भाजपा E-Pos के बारे में बेवकूफी भरी बाते कर रही है! भाजपा को इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं है की आधार कार्ड और E-Pos की विफलताओं के कारण गरीब लोगो को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है! इसकी वजह से हजारो गरीब लोगो को उनके हक का राशन नहीं मिल पा रहा है! और जब सम्बंधित अधिकारी से इस बारे में पूछा गया तो वो ये कहकर गुमराह करने की कोशिश करता है की लोगो को OTP का विकल्प भी दिया गया है! सही माइने में दिल्ली सरकार ने अप्रेल महीने में जिस घोटाले का पर्दा फाश किया था, वो इस OTP वाले विकल्प के चलते ही संभव हो पा रहा था! 
भाजपा को ये समझना पड़ेगा की दिल्ली में एक बहुत बड़ी जनसँख्या है जो की अलग-अलग राज्यों से दिल्ली में काम की तलाश में आए है! ये लोग दिल्ली के गाँव के इलाकों में, अन-ओथ्राइज़ड कालोनियों में किराय पर रहते हैं! ये लोग में मजदूरी करते है, लोगो के घरो में काम करते है, और अपना जीवन यापन करते हैं! 
किराय पर रहने के कारण वश इनको अक्सर अपने निवास स्थान बदलने पड़ते रहते हैं! POS डिवाइस की विफलताओं के कारण जब इन किराय पर रहने वाले गरीब लोगो से उनके निवास का प्रमाण माँगा जाता है, जो की उनके राशन कार्ड में लिखा हुआ है, तो वो उसे उपलब्ध कराने में असमर्थ होते हैं क्यूकि वो वहां से घर बदल चुके हैं! और इस तरह से उनके हक़ का राशन जो उन्हें मिलना चाहिए वो उन्हें नहीं मिल पाटा है, बल्कि उसे राशन माफियाओं द्वारा काला बाजारी के तहत मार्किट में बेच दिया जाता है! 

यही सब कारण है जिनकी वजह से दिल्ली में राशन वितरण में एक बड़े स्तर का भ्रष्टाचार चल रहा है! और इसी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ही दिल्ली सरकार बार बार डोर-स्टेप-डिलिवरी की मांग कर रही है!

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