अन्तरराष्ट्रीय (23/01/2019) 
विकलांग देश के लिए बोझ नहीं ।
विकलांग देश के लिए बोझ नहीं है विकलांग  देश का एक विशिष्ट हिस्सा है ,आधार है, और  देश की जरूरत है।  क्योंकि यह विज्ञान ने भी प्रमाणित कर दिया कि अगर शरीर का एक अंग कमजोर है तो दूसरा अंग नॉर्मल से अधिक विकसित और स्ट्रांग है। उनके अंदर बहुत टैलेंट है सिर्फ जरूरत है उसको निखारने की।  उनकी प्रतिभाओं को समझा है मां शक्ति ने और प्रयास स्पेशल स्कूल एंड यंग इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ने । 
आज द लीजेंड ऑफ सुभाष चंद्र बोस अवॉर्ड 2019 के आयोजक श्री अजीत वीर जी जो कि यंग इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष भी हैं उन्होंने आज गांधी शांति प्रतिष्ठान में एक अवॉर्ड का आयोजन किया जिसमें सभी दिव्यांगों को जिन्होंने दिव्यांग  होते हुए भी दिव्यांगों के लिए   काम किया , उन लोगों को सम्मानित किया गया। दिव्याव्यांगों को उनके हुनर को सराहते हुए उनको अवार्ड दिया गया । ऐसा ही एक अवॉर्ड मां शक्ति इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन की नेशनल फाउंडर प्रेसिडेंट  अधिवक्ता अनीता गुप्ता को भी दिव्यांगों के किए गए उनके असाधारण काम को सराहा ते हुए उन्हें *दिव्यांग रत्न अवार्ड* से सम्मानित किया गया। 
अजीत वीर इस तरीके के प्रोग्राम लगातार पिछले कई सालों से दिव्यांगों को उनकी कला और हुनर के हिसाब से अवॉर्ड दे रहे हैं । सुनील अग्रवाल जी जो कि एक दुर्घटना में अपने दोनों पैर गवां चुके हैं उसके बावजूद भी उनका नृत्य में मॉडलिंग में और गायन में उनका और समाज सेवा में उनके काम को देखते हुए उनको दिव्यांग रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। श्रीमती नीरु सेहगल जो मां शक्ति की  उपाध्यक्ष है  दिल्ली से है और टैलेंट  उनको भी दिव्यांगों के प्रोग्राम करने के लिए समाज सेवा समाज सेवा के लिए उनको अवार्ड दिया गया। 
 मा शक्ति लगातार पिछले कई सालों से दिव्यांगों को उनके हुनर को पहचान कर  उनकी कला को तराश के उनको रोजगार दिलाने में सहायता प्रदान कर रही है। दिव्यांगों   भिखारियों के लिए उनकी एक स्पेशल स्कीम भी है  *भीख नहीं रोजगार दो* मा शक्ति का कहना है कि अगर सभी लोग भिखारियों को भीख देना बंद कर दे और भीख की वजह उनको छोटे-छोटे सामान देकर जिससे वह आसानी से उसे बेच सके एक भारत को अधिकारी रहित बैगर्स फ्री इंडिया बना सकते हैं  दिल्ली सरकार ने इसी साल उनके कार्य को सराहते हुए सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट समाज कल्याण विभाग के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस पर  अवॉर्ड दिया गया । अनीता गुप्ता  दिव्यांगों के साथ साथ सीनियर सिटीजन एंड पैरंट्स के वेलफेयर में सदस्य भी काम कर रही है । सीनियर सिटीजंस के लिए  एवरग्रीन "एक नई पहचान" नाम से एक सीनियर सिटीजन होम चलाने की योजना है जिसके अंतर्गत सीनियर को उनके सीनियर्स के अंदर जो हुनर टैलेंट है वह अपने यंग को एजुकेशन के साथ-साथ उनके से भी अवगत कराएं ताकि जो कुछ नेगेटिविटी जो गलतियां सीनियर से हुई है वह आगे आगे वाली गलतियों को दोबारा ना दोहराएं और सीनियर्स के अंदर जो टैलेंट और  हुनर अपने परिवार और बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा करने में पूरी जिंदगी लग जाती है और उनका हुनर कहीं छिप और दब जाता है उसी हुनर को तराश के उसको स्टेज देना यह एक मा शक्ति का उद्देश्य है ताकि जाते-जाते मन में हमारे देश के सीनियर सिटीजन को कोई अफसोस ना रहे उन्होंने अपने हुनर को एक पहचान नहीं दी एक नई पहचान के रूप में उनके हुनर को तराशने का काम भी मा शक्ति कर रही है और लोगों से उम्मीद करती है कि उन लोगों से आग्रह करती है किस तरीके से जो सीनियर सिम के अंदर कोई होना रोड टैलेंट है वह आगे और मा शक्ति के साथ मिलकर उनकी मुझे उनके सहयोगी बने भागीदार बने और आगे बढ़ कर दूसरों के लिए दूसरे के लिए काम करें मां शक्ति की अध्यक्षता गुप्ता जोकि ईस्ट दिल्ली में डिस्टिक मजिस्ट्रेट ऑफिस में सीनियर सिटीजन मैस एजुकेशन मेंबर काम कर रही है जुडिशल मेंबर काम कर रहे हैं और लगातार बच्चों का पेरेंट्स और सीनियर सिटीजन के प्रति बेरुखी ने उनको सीनियर सिटीजंस की एक नई पहचान देने के लिए सीनियर सिटीजन क्लब एंड हो का निर्माण करने की प्रेरणा दी और उस पर काम कर रही हैं और लोगों से आग्रह कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा पेरेंट्स और सिंह जोड़ें और विकलांगों को सम्मान दें और उनको भी देश में देश के अपने देश को आगे बढ़ाने में उनके सहयोग को नमन करें l
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