राष्ट्रीय (11/04/2019) 
शनि वक्री होने पर आपके कार्यक्लापों पर केैसा पड़ेगा प्रभाव ?

वक्री यानी ये ग्रह उल्टा चलने लगेगा। इसके बाद 18 सितंबर को शनि फिर से मार्गी हो जाएगा और सीधा चलने लगेगा। धनु राशि के शनि की वजह से वृष और कन्या राशि पर ढय्या रहेगी। वृश्चिकधनु और मकर राशि पर साढ़ेसाती का असर रहेगा। ये राशिफल चंद्र राशि के आधार पर बताया जा रहा है...

 

मेष

शनि दशम और एकादश भाव का स्वामी है। ये भाव क्रमश: व्यवसायआमदनीवृद्धि और कर्म आदि से संबंधित हैं। संयम के साथ काम लेना होगा। जून महीने तक आपके करियर की रफ्तार थोड़ी सुस्त रह सकती है। जून से अक्टूबर के बीच करियर और आय में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अक्टूबर के बाद परिस्थितियां बदल जाएगी और आपको भाग्य का साथ मिलेगा। आप किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा में विजयी होंगे। साथ ही आप अपने विरोधियों को हरा देंगे।

उपाय: गाय को घी लगी रोटी खिलाएं।

वृषभ

इस राशि पर शनि की ढय्या रहेगी। वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी होगी। घर-परिवार में क्लेश हो सकता हैअशांति के कारण काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। धैर्य से काम लेंगे तो बुरा समय दूर हो सकता है।

शनि नवम और दशम भाव के स्वामी हैं। ये भाव भाग्यप्रसिद्धिव्यवसाय और कर्म से संबंधित होते हैं। करियर के लिए अच्छा रहने वाला है। निवेश के लिए यह समय बिल्कुल सही नहीं होगा। धन हानि हो सकती है। बच्चों की शिक्षा पर भी आपको अधिक ध्यान देने की जरुरत होगी। बेवजह के विवादों से बचने की कोशिश करें । पिता के साथ अच्छे संबंध बनाये रखें और उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

उपाय: काले कपड़े और जूते का दान करें।

मिथुन

शनि अष्टम और नवम भाव का स्वामी है। ये भाव दीर्घायुबड़े परिवर्तनभाग्य और प्रसिद्धि से संबंधित होते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहने वाला है। विवादों का अंत हो जाएगा। कानूनी मामलों में यह साल आपके लिए अच्छा रहने वाला है। फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। निवेश के लिए भी बेहतर रहने वाला है। दोस्तों और परिजनों के साथ अच्छा वक्त गुजारेंगे। माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

उपाय: मध्य अंगुली में काले घोड़े की नाल की अंगूठी पहनें।

कर्क

शनि सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी हैं। सप्तम भाव विवाहजीवनसाथी और साझेदारी से संबंधित होता है जबकि अष्टम भाव बड़े परिवर्तन और दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करता है। विवादों से बचने की कोशिश करें। लगातार यात्राएं करनी पड़ सकती है। मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है। कटु भाषा का इस्तेमाल न करें वरना विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। विषम परिस्थितियों में संयम के साथ काम लें भाई-बहनों को आपकी मदद की जरुरत पड़ सकती है। घर या कार्यस्थल पर बेवजह के काम और विवादों में उलझने से बचें। आपको बेहतर प्रबंधन के साथ चलना होगा।

उपाय: पक्षियों को सात तरह के अनाज खिलाएं।

सिंह

शनि षष्ठम और सप्तम भाव के स्वामी हैं। कुंडली में छठा भाव संघर्षशत्रु और रोग से संबंधित होता है। वहीं सातवां भाव विवाहजीवनसाथी और साझेदारी को दर्शाता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। यह साल बिजनेस के लिहाज से एकदम अच्छा रहने वाला है। नौकरी पेशा जातकों को इस वर्ष पदोन्नति की सौगात मिल सकती है या आपको नई नौकरी का ऑफर मिलने की भी संभावना है। जो पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें इस वर्ष कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। अविवाहित हैं या आपका प्रेम प्रसंग चल रहा है तो इस साल आप शादी के बंधन में बंध सकते हैं।

उपाय: पीपल के पेड़ के नीच सरसों के तेल का दीया जलाएं।

कन्या

ढय्या की वजह से इस साल नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। धन-संपत्ति से लाभ हो सकता है। घर-परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। यात्राएं होंगी। वाहन पर खर्च होगा।कन्या राशि वालों के लिए शनि पंचम और षष्ठम भाव के स्वामी हैं। ये भाव क्रमशः शिक्षापितृत्वरोग,संघर्ष औरशत्रुओं से संबंधित होता है। निवास स्थान में परिवर्तन कर सकते हैं। करियर के क्षेत्र में भी उन्नति और वृद्धि देखने को मिलेगी। किसी भी तरह का निवेशकरने से बचें। वहीं प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी विवाद की स्थिति बन सकती है। इस साल तमाम चुनौतियों के बीच छात्रों को बड़ी सफलता मिलने कीसंभावना है। ईश्वर की भक्ति और सत्संग कार्यक्रमों में शामिल होने आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

उपाय: शनिवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

तुला

शनि चतुर्थ और पंचम भाव के स्वामी हैं। ये भाव क्रमशः मॉंहर्षवाहनशिक्षापितृत्व आदि से संबंधित होते हैं। शनि योग कारक ग्रह हैजो कि आपके लिए लाभकारी है। छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं। अपने बिजनेस को विस्तार देने की योजना बना सकते हैं। निवेश करने से बेहतर रिटर्न प्राप्त होंगे। आमदनी और खर्च दोनों में बढ़ोत्तरी होगी। लंबी यात्रा पर जाने की संभावना भी बन रही है।

उपाय: बंदर को लड्डू खिलाएं।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती धन लाभ दिला सकती है। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। पुराने समय से अटके हुए काम इस साल पूरे हो सकते हैं। शनि तृतीय और चतुर्थ भाव के स्वामी हैं। ये भाव जीवन में प्रयासमॉंभाई-बहनसंचार और हर्ष से संबंधित होते हैं। करियर में बेहतर अवसर मिल सकते हैं या फिर कामकाज के सिलसिले में आपको विदेश यात्रा करने का अवसर भी मिल सकता है। परिवार से जुड़ेविवाद और मामलों में  उलझें। अपने प्रियजनों से दूर रहना पड़ सकता है। विभिन्न माध्यमों से उनके साथ संपर्क बनाये रखने की कोशिश जारी रखें।

उपाय: रोगियों की सेवा करें।

धनु

शनि की साढ़ेसाती शुभ रहने वाली है। भूमि-भवन का लाभ मिल सकता है। घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान मिलेगा। शासकीय कार्यों में बाधाएं आएंगीलेकिन धैर्य से काम लें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।द्वितीय और तृतीय भाव भाषाधनपरिवारभाई-बहनप्रयासऔर संचार से संबंधित होते हैं। शनि आपकी ही चंद्र राशि में गोचर कर रहा है और इसका आपके जीवन पर गहरा प्रभाव होगा। संभावना है किजीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते प्रभावित हो जाएंवैवाहिक जीवन में होने वाले हर विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं। जीवनसाथी को सेहतसंबंधी समस्याओं से परेशानी हो सकती हैइसलिए उनका विशेष ध्यान रखें।

उपाय: मांसाहार और शराब के सेवन से परहेज करें।

मकर

शनि की साढ़ेसाती मकर राशि के लिए चिंताएं बढ़ाएगी। धन संबंधी कामों में नुकसान हो सकता है। यात्रा में हानि होने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। घर-परिवार में क्लेश हो सकता है। अनावश्यक विवादों से दूर रहेंगे तो अच्छा रहेगा।शनि लग्न औरद्वितीय भाव के स्वामी हैं। कुंडली में लग्न और द्वितीय भाव चरित्रदीर्घायुव्यक्तित्वपरिवारधन और भाषा से संबंधित होते हैं। छात्र हैं तो इस वर्ष उच्चशिक्षा के लिए विदेश जा सकते हैं। विदेश यात्रा पर जाने की संभावना भी बन रही है। ये यात्रा कामकाज या अन्य कार्य के सिलसिले में हो सकती है।नौकरी पेशा जातकों का प्रमोशन संभव है। वहीं कार्यस्थल पर आपकी मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कानूनी विवाद से दूर रहने की कोशिश करें।

उपायजटा वाले नारियल नदी में प्रवाहित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

कुंभ

शनि कुंभ राशि के लिए लग्न और द्वादश भाव का स्वामी है। द्वादश भाव हानिखर्चचिकित्सा और शयन सुख से संबंधित होता है। वहीं लग्न यानि प्रथम भाव मनुष्य के चरित्रदीर्घायु और व्यक्तित्व को दर्शाता है। कार्यस्थल पर अनेक अवसर मिलेंगे। यह समय आपके लिए हर मामले में बेहद शुभ साबित होगा। पहले की तुलना में आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। आपका झुकाव आध्यात्मिक कार्यों की ओर बढ़ेगा। कोई बड़ा धन लाभ होने की संभावना है। इस दौरान कुछ नया होने की संभावना कम है।

उपाय: मंदिर में सरसों के तेल का दान करें।

मीन

मीन राशि के लिए शनि एकादश और द्वादश भाव के स्वामी हैं। एकादश भाव सफलतावृद्धि और आय से संबंधित है। वहीं द्वादश भाव हानिखर्चरोग और शयन सुख को दर्शाता है। निवेश के लिए यह समय न तो अच्छा है और न बुरा है। इस साल नौकरी में परिवर्तन करना आपकी प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए अच्छा सिद्ध होगा। देश-विदेश की यात्रा कर सकते हैं। आय की तुलना में आपके खर्च बढ़ सकते हैं । जीवनसाथी के साथ बेवजह का विवाद करने से बचें दोस्तों या परिजनों के साथ छुट्टी पर जाने के लिए यह समय बेहद अच्छा सिद्ध होगा।

उपाय: शनिवार के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।


मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्,196 सैक्टर 20ए , चंडीगढ़,


Copyright @ 2019.