राष्ट्रीय (08/05/2019) 
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विजय संकल्प महारैली को संबोधित किया

नई दिल्ली, 8 मई।  दिल्ली कहती दिल से, मोदी चाहिए फिर से। दिल्ली की गलियों में गूंजता एक ही नारा दिल्ली चले मोदी के साथ, ऐसे जोशीले नारों के बीच आज दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विजय संकल्प महारैली को संबोधित किया। लाखों की संख्या में जुटे भारी जनसैलाब को मोदी जी ने दिल्ली के सातों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को भारी बहुमत के साथ जिताने के लिए विजय संकल्प दिलवाया। आज मंच पर सभी सातों उम्मीदवार दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी  मनोज तिवारी, चांदनी चैक से डॉ. हर्ष वर्धन, नई दिल्ली से  मीनाक्षी लेखी, दक्षिणी दिल्ली से  रमेश बिधूड़ी, पश्चिमी दिल्ली से  प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से  हंसराज हंस, पूर्वी दिल्ली से  गौतम गम्भीर के साथ केन्द्रीय एवं दिल्ली के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मोदी है तो मुमकिन है, दिल्ली चले मोदी के साथ गगनभेदी नारों के साथ प्रदेश महामंत्री  कुलजीत सिंह चहल ने मंच का संचालन किया।

 

 

इस विजय सकंल्प महारैली में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री  रामलाल जी, रक्षा मंत्री व लोकसभा चुनाव प्रभारी  निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के प्रभारी  श्याम जाजू, राष्ट्रीय महामंत्री  अरूण सिंह, केन्द्रीय मंत्री  विजय गोयल, सह-प्रभारी  जयभान सिंह पवैया, राष्ट्रीय मंत्री  महेश गिरी, सरदार आर.पी. सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री  सिद्धार्थन, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  विजेन्द्र गुप्ता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  मांगे राम गर्ग, प्रदेश महामंत्री  कुलजीत सिंह चहल,  रविन्द्र गुप्ता,  राजेश भाटिया, वरिष्ठ नेता व मिजोरम प्रभारी  पवन शर्मा, उपाध्यक्ष  जय प्रकाश, तीनों नगर निगमों के महापौर सरदार अवतार सिंह,  सुनीता कांगड,  अंजू कमलकांत, प्रदेश पदाधिकारी, सभी जिलाध्यक्ष, सभी मण्डल अध्यक्ष, भाजपा के वरिष्ठ नेता व लाखों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर  श्याम जाजू,  विजय गोयल,  विजेन्द्र गुप्ता के साथ सभी भाजपा उम्मीदवारों ने विजय संकल्प महारैली को सम्बोधित कर दिल्ली की जनता से भाजपा को विजयी बनाने की अपील की।

 

उपस्थित जनसैलाब को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दिलवालो के शहर दिल्ली अपने परिश्रम के लिये जानी जाती है। दिल्ली में पंजाब हरियाणा के लोगों की बोली, पूर्वांचल की मिठास और नाॅर्थ ईस्ट का कल्चर शामिल है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे सेवा का अवसर दिल्ली ने दिया। अपने काम का हिसाब देने से पहले दिल्ली के हर व्यक्ति का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। एक बात दिल्ली वालों को बताना चाहता हूं कि बीते 5 वर्षों में अनेकों इलाकों में मेरा आना जाना हुआ जिसमें एनसीआर के अलग-अलग जगहों पर मेरे कार्यक्रम हुये। प्रधानमंत्री बनने के बाद सुरक्षा के ताम-झाम मेरे साथ चलने लगे। बैरिकेडिंग लगे लोग दूर से रोक लिये जाते हैं। देर रात लौटते हुये धौलाकुंआ पर ट्रैफिक जाम रूका हुआ देखकर मुझे लगता था कि मेरी वजह से कोई व्यक्ति आज घर देरी से पहुंचेगा। बुलेट प्रूफ की दीवारों पर रहने का मुझे शौक नहीं है और जब मौका मिला मैंने इन दिवारों को तोड़ दिया। अक्सर दिल्ली मेट्रो में सफर करते जब आप लोगों से घिर जाता हूँ तो वो मेरे लिये बहुत ही यादगार पल होते हैं। बीते पांच वर्षों में आपका प्यार और आशीर्वाद एनडीए सरकार को मिलता रहा है। मजबूत समर्थन के कारण नया रास्ता सशक्त हो रहा है, बड़े और कड़े फैसले लेने में आप सबका साथ मिला है। आज वीआईपी वाली लाल बत्ती अगर नेता और अफसरों की गाड़ी से उतर गई है तो उसका कारण आप सभी है। पूरी सरकार मोबाइल के माध्यम से आपके पास पहुंच चुकी है। बहुत साल पहले कांसेप्ट ईज आफ डूइंग का, पांच साल में न सिर्फ रैंकिंग में सुधार हुआ बल्कि उससे भी बढ़कर ईज आफ लिविंग के लिए हमनें काम किया।

 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जनता के हित में 1400 से अधिक गैर जरूरी कानून खत्म किये गये है। जिससे जीवन और व्यापार में आसानी आई। दस्तावेजों को सत्यापित कराने के लिए नेताओं व अधिकारियों के चक्कर काटने की अनिवार्यता को समाप्त किया। ग्रुप सी और डी की सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार का रास्ता खत्म किया जिससे भ्रष्टाचार का रास्ता बंद हुआ। कम्पनी खोलने की प्रक्रिया आसान हो गई है और अब 24 घंटे में नई कम्पनी खोल सकते हैं।

 

 मोदी ने कहा कि जीएसटी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विपक्ष को मुद्दे नहीं मिल रहे हैं, इमानदारी से लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमनें काम किया, उसके नतीजे यह रहे हैं कि मंहगाई का मुद्दा खत्म हो गया और मंहगाई नियंत्रण में आ गई। आज विपक्ष के पास मंहगाई पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। आज गरीबों को घरेलू गैस, शौचालय से लेकर हर वर्ष 5 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत मिल रहा है, मध्यम वर्ग को प्रधानमंत्री आवास योजना से घर मिला, 5 से 6 लाख की बचत बेइमान लोगों के कारण जो मध्यम वर्ग से छीन लिया जाता था, अब उन्हें मिल रहा है। मध्यम वर्ग के अपने घर के अधूरे सपने को पूरा करने के लिये नया रेरा कानून बनाया गया। मोबाइल और दबाइयों की कीमत बहुत सस्ती हो गई। मध्यम वर्ग की ईमानदारी को देखते हुये 5 लाख रूपये तक की आय पर टैक्स में छूट दी गई। दिल्ली में प्रदूषण का हल, तकनीक के बेहतर प्रयोग, ट्रांस्पोर्ट के आधुनिक तरीके से है, मेट्रो का विस्तार, इलेक्ट्रानिक इंफ्रास्टेक्चर का काम, इन सभी का लाभ दिल्ली की जनता को मिल रहा है।

 

 

 मोदी ने कहा कि पहले हजारों ट्रक उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में जाने के लिए दिल्ली की अंदरूनी सीमा में होकर गुजरते थे जिसके कारण जाम और प्रदूषण होता था। पहले की सरकारों ने पेरीफेरल एक्सप्रेस का अध्ययन नहीं किया। हमनें ईस्टर्न पेरीफेरल एवं वेस्टर्न पेरीफेरल के माध्यम से दिल्ली की सीमाओं के बाहर से ट्रकों को जाने दिया। इंडिया गेट से गाजीपुर मंडी तक पहुंचने में पहले एक घंटा लगता था अब यह दूरी केवल 15 से 20 मिनट में पूरी की जा रही है। धौला कुआं से एयर पोर्ट तक जाम में घंटों लगते थे अब यहां ट्रेफिक से मुक्ति मिल गई है, गंगा की तरह यमुना को अविरल और स्वच्छ बनाने का काम हम कर रहे हैं। 

 

हम सभी 21वीं सदी का भारत बनाने के लिए देश को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए ईमानदार कोशिश की जरूरत है। सुशासन के माॅडल का मूल्यांकन जरूरी है। आज मैं दिल्लीवासियों को देश में चल रही चार राजनीतिक परम्पराओं या संस्कृति के बारे में बता रहा हूँ। पहली नामपंथी: ये वोल लोग होते हैं जो एक वंश विशेष में जन्म लेने के कारण राजनीति में अपने आप आ जाते हैं। दूसरी वामपंथी: जिनके लिए विदेशी विचार, विदेशी व्यवहार ही उनकी रोजी-रोटी है। तीसरी दाम व दमनपंथी: गंुडातंत्र, गनतंत्र यही इन लोगों के लिए गणतंत्र की परिभाषा है। चैथे विकासपंथी: जिसके लिए सबका साथ, सबका विकास और देश सर्वोपरी है। दिल्ली एक लौता ऐसा राज्य है जिसमें एक पांचवी राजनीतिक संकृति देखने को मिलती है, जिसका नाम है नाकामपंथी लगातार दिल्ली के विकास से जुड़े हर काम को न कहते हैं और जो कोशिश करते हैं उसमें नाकाम रहते हैं, इन नाकामपंथियों ने महज दिल्ली में अराजकता फैलाई बल्कि ऐसे लोग दिल्ली की जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नाकामपंथी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया और उसे भी सरकार बनने के बाद नाकाम किया। करोड़ों युवाओं के विश्वास को चकनाचूर कर दिया, राजनीति के नये प्रयासों को भी नाकाम कर देश बदलने आये नाकामपंथी खुद ही बदल गये। ये लोग नई व्यवस्था देने आये थे और अव्यवस्था और अराजकता का दूसरा नाम बन गये। सभी को अनाप-शनाप कह कर घुटनों के बल माफी मांग रहे हैं। हर बात से यू-टर्न, संवैधानिक संस्थाओं और लोगों को गाली देकर अपने कुसंस्कार को उजार किया है। अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना इनकी आदत बन गई है। इसके अतिरिक्त देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाले लोगों के साथ यह खड़े हैं।

 

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि खालिस्तान समर्थकों को ताकत देने, देश विरोधी ताकतों से भी नाकामपंथियों ने सम्पर्क किया है। नाकारात्मकता से भरे लोग गरीबों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के सामने नाकामपंथी की दीवार बनकर खड़े हैं। दिल्ली में केन्द्र सरकार और राज्य दोनों प्रकार के अस्पताल हैं, केन्द्र के अस्पतालों में 5 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, वहीं दिल्ली के अस्पतालों में नहीं मिल रहा है इसका प्रमुख कारण यह नाकामपंथी हैं। अपनी राजनीति के लिए गरीब के जीवन से खिलवाड़ करना, सामान्य वर्ग के 10 प्रतिशत आरक्षण को दिल्ली में लागू नहीं किया, यह नाकामपंथियों की विचारधारा के साथ शासन का माॅडल है। नामपंथी कांग्रेस भी उतनी ही जिम्मेदार है जितनी नाकामपंथी।

 

नाकामपंथी की राजनीति के बारे में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजनीति में चैथी पीढ़ी को पूरा देश देख रहा है। यह एक परिवार तक सीमित नहीं है, जो करीबी रहे, उन्होंने भी वंशवाद का झंडा बुलंद रखा। दिल्ली में दीक्षित वंश, हरियाणा में हुड्डा वंश, भजनलाल वंश, बंसीलाल वंश, राजस्थान में गहलोत व पायलट वंश, मध्य प्रदेश में सिंधिया व दिग्विजय परिवार वंश,

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