राष्ट्रीय (29/05/2019) 
पिता की सख्ती को बर्दाशत करो, ताकि काबिल बन सको,
•पिता की बातें गौर से सुनो, ताकि दुसरो की न सुननी पड़े,
•पिता के सामने ऊंचा मत बोलो ,वरना भगवान तुमको नीचा कर देगा,
•पिता का सम्मान करो, ताकि तुम्हारी संतान तुम्हारा सम्मान करे,
•पिता की इज्जत करो, ताकि इससे फायदा उठा सको,
•पिता का हुक्म मानो ताकि खुशहाल रह सको,
•पिता के सामने नजरे झुका कर रखो, ताकि भगवान तुमको दुनियां मे आगे करे,
• पिता एक किताब है जिसपर अनुभव लिखा जाता है,
• पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे, वरना भगवान तुम्हे दुनिया  से गिरा देगा,

पिता एक ऐसी हस्ती है ...!!!!माँ का मुकाम तो बेशक़ अपनी जगह है ! पर पिता का भी कुछ कम नही, माँ के कदमों मे स्वर्ग है पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है, अगर दरवाज़ा ना ख़ुला तो अंदर कैसे जाओगे ?

जो गरमी हो या सर्दी अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की फ़िक्र में परेशान रहता है, ना कोई पिता के जैसा प्यार दे सकता है ना कर सकता है, अपने बच्चों से !!
याद रख़े सूरज गर्म ज़रूर होता है मगर डूब जाए तो अंधेरा छा जाता है, !!
आओ आज़ सब मिलकर उस अज़ीम हस्ती के लिए  प्रार्थना करें ..

हे भगवान मेरे पिता को अच्छी सेहत ओर तंदूरस्ती देना। उनकी तमाम परेशानी को दूर कर, और उन्हें हमेंशा हमारे लिए खुश रख़ना।

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