राष्ट्रीय (05/06/2019) 
लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से उपचुनाव में लोसपा से लड़ेंगे सच्चिदानन्द श्रीवास्तव

लखनऊ।लखनऊ कैंट से विधायक रीता बहुगुणा जोशी के इलाहाबाद सांसद बनने के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।इस सीट पर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी से वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानन्द वास्तव ने तमाम मुद्दों के साथ चुनावी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं।

 जोशी के लोकसभा सांसद बनने के बाद लखनऊ की इस सीट पर बढ़ी चुनावी सरगर्मी में लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानन्द वास्तव को अपना प्रत्याशी बनाया है।बेरोजगारों को रोजगार, पुरानी पेंशन स्कीम, समान शिक्षा व्यवस्था, क्षेत्र में नशाबंदी लागूकर शराब, वियर की दुकानों का सफाया, गड्ढा मुक्त सड़कें आदि सहित मूलभूत क्षेत्रीय समस्याओं को मुद्दा बनाते हुये  वास्तव ने पार्टी की नीतियां व पार्टी अध्यक्ष रघु ठाकुर के विचार लोगो तक पहुंचाने शुरू कर दिए है।उनके इस चुनावी अभियान में रेल सेवक संघ ने भी सक्रियता के साथ प्रयास शुरू कर दिए हैं।उपचुनाव की इस वैतरणी को पार कर विजय पताका लहराने के निमित्त लोसपा ने वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर मतों की मनुहार में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल यह सीट भाजपा की पारम्परिक सीट मानी जाती है उसके दुर्ग में फतेह चुनौतीपूर्ण है लेकिन व्यापक तैयारियों, अपनी नीतियों और जनमानस के मूलभूत मुद्दों के बल पर पार्टी अपनी विजय के प्रति आश्वस्त है।

बताते चलें  वास्तव रेल सेवक संघ के महामंत्री भी हैं और गत विधानसभा चुनाव में इस सीट पर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी से चुनाव भी लड़े थे।भृस्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए रेल कर्मियों को उनका हक दिलाने वाले  सच्चिदानन्द ने कई बार भ्रस्टाचार का खुलासा कर मामले को पटल पर उठाया है।रेलवे कैजुवल मजदूरों को 4 माह कार्यकाल पूरे होने पर अस्थायी ओहदा व पूर्ण वेतनमान एरियर के साथ दिलाने पर रेलवे मजदूरों में इनकी लोकप्रियता और अधिक बढ़ गयी।वर्क टू रूल के जरिये कर्मचारियों की मांगों को पूरा कराने में सफल रहे  वास्तव ने सभा और धरना प्रदर्शन के माध्यम से रेलवे में वेतन बोर्ड और रेलवे सहित सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कराने, ठेकेदारी/ ट्रेड वर्किंग का बिरोध, 20लाख रेल कर्मचारियों की कमी से बर्बाद हो रही रेलवे और स्थानीय निकायों में कर्मचारियों की भर्ती कर अपने कुशल कर्मचारियों से काम कराने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आर्थिक नीतियों को लागू करने तथा पूर्ण नशाबंदी, हर हाथ को काम और हर एक को सम्मान दिलाने के लिए प्रयासरत, किसानों से खरीदी चीजों के विक्रय मूल्य मे एक और डेढ़ का अनुपात, जीने के संवैधानिक अधिकार को सार्थक बनाने के लिए रोजगार और चिकित्सा को मौलिक अधिकार में शामिल कर सभी बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा रोजगार उपलब्ध होने तक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग और फ्री चिकित्सा पद्धति की मांग।सबके विकास के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पूर्ण शिक्षा को फ्री करने की मांग आदि सक्रियता से खासी लोकप्रियता अर्जित की है।महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण, डॉ लोहिया के पदचिन्हों पर चलने वाले राजनीतिक पैगम्बर - लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सरंक्षक रघु ठाकुर की अगुवाई में विदेशी पूंजी भगाओ अभियान के माध्यम से गांधीवादी अर्थनीति लागू कराने, लघु उद्योग स्थापित करने, रोजगारोन्मुख विकास के लिए स्वदेशी पर आधारित मजबूत भारत बनाने पर लगातार संघर्ष के साथ साथ रेल कर्मचारियों के हक के लिए हमेशा  संघर्षशील रहते हैं।

 

 

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