राष्ट्रीय (05/07/2019) 
बजट में विदेशी निवेश पर भी है ध्यान।

भारत को प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश का और अधिक आकर्षक गंतव्‍य स्‍थल बनाने के उपाय           

o   सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके विमानन, मीडिया (एनीमेशन एवीजीसी) और बीमा क्षेत्र को एफडीआई के लिए और अधिक खोला  जा सकता है।

o   बीमा मध्‍यस्‍थताओं को 100 प्रतिशत एफडीआई।

o   एकल बॉन्‍ड के खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के लिए स्‍थानीय स्रोत के मापदंडों को आसान बनाना।

·         सरकार राष्‍ट्रीय अवसरंचना निवेश निधि (एनआईआईएफ) का उपयोग करके सभी तीनों श्रेणियों के वैश्विक प्रतिस्‍पर्धियों (पेंशन, बीमा, सम्‍प्रभु सं‍पत्ति निधियां) वार्षिक वैश्विक निवेशक सम्‍मेलन का आयोजन करेगी।

·         एफपीआई निवेश के लिए वैधानिक या सांविधिक सीमा 24 प्रतिशत से बढ़ाकर क्षेत्रीय विदेशी निवेश सीमा तक करने का प्रस्‍ताव है। संबंधित कॉरपोरेटों को न्‍यूनतम सीमा राशि सीमित करने का विकल्‍प दिया जाता है।

·         एफपीआई को अवसंरचना निवेश न्‍यास, रियल एस्‍टेट निवेश न्‍यास द्वारा जारी सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों को सब्‍सक्राइब करने की अनुमति

·         एनआरआई पोर्टफोलियों निवेश योजना मार्ग का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश मार्ग में विलय का प्रस्‍ताव।

·         अवसंरचना निवेश न्‍यास, रियल एस्‍टेट निवेश न्‍यास जैसी नई और नवोन्‍मेषी लिखतों और साथ ही साथ टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) के जरिए जुटाए गए संचयी संसाधन 24,000 करोड़ रुपए से अधिक है।

·         न्‍यू स्‍पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) एक सरकारी क्षेत्र का उद्यम है, जिसे अंतरिक्ष विभाग की वाणिज्यिक शाखा के रूप में शामिल किया गया है।

·         लॉच व्‍हीकल का उत्‍पादन, प्रौद्योगिकियों का अंतरण और अंतरिक्ष उत्‍पादों का विपणन जैसे उत्‍पादों के वाणिज्यिकरण जैसे इसरो द्वारा किए गए अनुसंधान एवं विकास के लाभों को उपयोग में लाना।

·         प्रत्‍यक्षकर

·         400 करोड़ रुपए तक के सालाना कारोबार वाली कंपनियों के लिए कर दी दर घटाकर 25 प्रतिशत की गई।

·         2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ रुपए तथा 5 करोड़ रुपए और उससे अधिक की करयोग्‍य आय वाले व्‍यक्तियों पर अधिभार बढ़ाया गया।

·         ‘कर भुगतान’ की श्रेणी में भारत की कारोबार करने की सुगमता वाली रैंकिंग 2017 में 172 से 2019 में 121 हो गई। 

·         पिछले पांच वर्षों में प्रत्‍यक्षकर राजस्‍व 78 प्रतिशत से बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए हो गया।

·         कर सरलीकरण और जीवन में सुगमता- प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर अनुपालन को सुगम बनाना।

·         पैन और आधार में आपसी अदला-बदली          

o   जिनके पास पैन नहीं है, वे आधार के जरिए रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

o   जहां पैन की आवश्‍यकता है वहां आधार इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

·          पहले से भरी हुई आयकर विवरणियां दाखिल करना

o   आय और कटौती सहित पहले से भरी हुई कर विवरणियां कर दाताओं को उपलब्‍ध कराई जाएगी।

o   बैंकों स्‍टॉक एक्‍सचेंजों म्‍यूचुअल फंडों से सूचना जुटाई जाएगी।

·         व्‍यक्तिगत उपस्थिति के बिना ई-निर्धारण

o   व्‍यक्तिगत उपस्थिति के बिना ई-निर्धारण लागू किया जाएगा।

o   शुरूआत में उन मामलों में ई-निर्धारण किया जाएगा जहां कुछ खास लेन-देनों या विसंगतियों का सत्‍यापन करना जरूरी है।

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