कड़ी मेहनत और निरंतर सीख ही सफलता की कुंजी : प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे अध्यक्ष राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड

के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम ने 7वां दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 1,842 स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) एवं राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच
(NETF) के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने विद्यार्थियों को आजीवन शिक्षार्थी बनने और तेजी से बदलती दुनिया में स्वयं को निरंतर अपडेट रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अगले 30 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें तथा आने वाले 10 से 15 वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करें। ।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ.ब्रजेश पांडे (कार्यकारी निदेशक, आईएनएसए) 2. प्रो. आर्किटेक्ट अभय विनायक पुरोहित (अध्यक्ष, वास्तुकला परिषद, भारत) उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 1,842 डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 1,238 स्नातक, 474 स्नातकोत्तर, 67 डिप्लोमा और 63 पीएच.डी. डिग्रियां शामिल हैं। साथ ही, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 154 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 52 स्वर्ण, 51 रजत और 51 कांस्य पदक प्रदान किए गए। स्नातक विद्यार्थियों में 775 छात्राएं और 1,067 छात्र शामिल रहे, जो विश्वविद्यालय के विविध और समावेशी शैक्षणिक वातावरण को दर्शाता है।

अपने प्रेरणादायी वीडियो संदेश में, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने के.आर. मंगलम
विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर स्नातक विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए करें तथा अपने व्यावसायिक जीवन में सदैव ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का पालन करें।

कुलाधिपति प्रोफेसर दिनेश सिंह ने कहा कि केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफलता के लिए आवश्यक जीवन कौशल, मूल्य और गुण भी विकसित करने होंगे। उन्होंने छात्रों से अपने सफलता के मायने स्वयं तय करने और चुनौतियों का सामना सकारात्मकता और संकल्प के साथ करने का आह्वान किया।

अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राहुल शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि,
विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त
किया।

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