सेंट्रल जिले की आनंद पर्वत पुलिस ने फरार चल रहे दो वांछित अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए दिल्ली में छिपने की कोई जगह नहीं। लंबे समय से कोर्ट ट्रायल से बच रहे इन दोनों आरोपियों के खिलाफ माननीय अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) को भी पुलिस ने सफलतापूर्वक तामील कर दिया है।
पहला मामला साल 2022 के एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें आनंद पर्वत निवासी विजय कुमार (उम्र 34 वर्ष) आरोपी था। वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा और कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। उसकी गिरफ्तारी को लेकर तिस हज़ारी कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट श्री अरुण पंघाल ने NBW जारी किया था।
दूसरा मामला वर्ष 2021 के एक IPC केस से संबंधित है, जिसमें बिहार के किशनगंज निवासी सज्जाद आलम (उम्र 38 वर्ष) वांछित था। वह भी लंबे समय से फरार था और कोर्ट ट्रायल से बच रहा था। उसके खिलाफ भी माननीय अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर रखा था। पुलिस को सूचना मिली कि वह बलजीत नगर इलाके में छिपा हुआ है।
अनंद पर्वत थाना पुलिस की क्रैक टीम, जो लगातार फरार एवं वांछित अपराधियों की तलाश में जुटी थी, ने दोनों मामलों के डेटा का विश्लेषण किया और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इलाके में जाल बिछाया। SHO इंस्पेक्टर सुभाष चंद्रा के नेतृत्व में HC छगन लाल और कॉन्स्टेबल राजेश की टीम ने ACP पटेल नगर सुनील कुमार के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की।
3 दिसंबर को मिली पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने बलजीत नगर में रणनीतिक रूप से ट्रैप लगाया और बिना देर किए दोनों वांछित आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया। गिरफ्तारियों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या प्रतिरोध की स्थिति नहीं बनी।
दोनों आरोपी अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे, जबकि पुलिस इन अभियुक्तों के कोर्ट से लगातार बचते रहने के कारणों और संभावित अन्य लिंक की भी जांच कर रही है।
इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली पुलिस फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है।




