नई दिल्ली।
उद्योग जगत को नए श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से होटल क्राउन प्लाज़ा, ओखला में एक मेगा सेमिनार एवं पैनल चर्चा का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ओखला औद्योगिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, एचआर प्रोफेशनल्स एवं उद्यमियों ने भाग लिया।
इस सेमिनार का संयुक्त आयोजन Okhla Industries Association एवं Okhla Printers & Providers Association द्वारा किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नए श्रम संहिताओं (New Labour Codes) को लेकर उद्योगों को स्पष्ट जानकारी देना, आगामी बदलावों के लिए तैयार करना तथा व्यावहारिक अनुपालन पर मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में अधिवक्ता एवं ईपीएफओ के पूर्व केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) सदस्य एस.के. शर्मा तथा अधिवक्ता सिद्धार्थ मैकर ने मुख्य वक्ता (Keynote Speakers) के रूप में अपने विचार रखे। वक्ताओं ने नए श्रम कानूनों की पृष्ठभूमि, पुराने कानूनों से नए ढांचे में संक्रमण, नई वेतन परिभाषा के अंतर्गत वेतन संरचना, पीएफ एवं ईएसआई पर पड़ने वाले प्रभाव, निश्चित अवधि रोजगार (Fixed Term Employment) में ग्रेच्युटी तथा अन्य महत्वपूर्ण अनुपालन पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उद्योगों को संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक समाधान भी सुझाए।
इसके पश्चात आयोजित पैनल चर्चा में प्रमोद करमसे, उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय); बीरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त–I, दिल्ली; तथा नरेंद्र मोहन ओझा, क्षेत्रीय निदेशक, ईएसआईसी, दिल्ली ने भाग लिया। पैनल के दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए अधिकारियों ने नए श्रम कानूनों से जुड़े विभिन्न कानूनी व प्रशासनिक पहलुओं को सरल भाषा में स्पष्ट किया।
सेमिनार में उपस्थित प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से उद्योगों को समय रहते सही दिशा और स्पष्टता मिलती है, जिससे वे नए श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए स्वयं को बेहतर रूप से तैयार कर सकते हैं।





