नई दिल्ली।
कड़ाके की ठंड में नन्हे हाथों को गरमाहट और मासूम चेहरों पर मुस्कान देने के उद्देश्य से अमावस्या फाउंडेशन ने कड़कड़डूमा स्थित एनबीसीसी श्रमिक कैंप में श्रमिकों के बच्चों को गरम जैकेट और टोपी वितरित कीं। इस मानवीय पहल ने यह साबित कर दिया कि सेवा केवल जरूरत पूरी करना नहीं, बल्कि दिलों को छूने का नाम है।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी जोगेश गुप्ता ने कहा कि मासूम बच्चों को ठंड से बचाना समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अमावस्या फाउंडेशन वर्षों से भंडारे जैसे सेवा कार्य करता आ रहा है और अब वस्त्र वितरण के साथ-साथ इन बच्चों को जल्द शिक्षा का योगदान भी दिया जाएगा, ताकि उनका आज सुरक्षित और कल उज्ज्वल हो सके।
गरम कपड़ों से सर्दी की पीड़ा कम हुई और शिक्षा के संकल्प ने भविष्य की उम्मीद जगा दी। अमावस्या फाउंडेशन की यह पहल मानवता को यह संदेश देती है कि जब संवेदना हाथ बढ़ाती है, तो एक बच्चे का पूरा संसार बदल सकता है।







