गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली। देशभर में संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण की औपचारिक घोषणा दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा एवं मार्गदर्शन बैठक में की गई। अभियान के आयोजकों के अनुसार इसे वर्ष 1966 के बाद गौ रक्षा और गौ सम्मान को लेकर सबसे व्यापक जन अभियान बताया जा रहा है। अभियान में नंदी बाबा अध्यक्ष तथा गौमाता को संरक्षक के रूप में स्वीकार किया गया है।
अभियान की प्रमुख मांगों में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, गौ संरक्षण के लिए देशभर में केंद्रीय कानून बनाकर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध तथा केंद्रीय गोपालन मंत्रालय के गठन की मांग शामिल है।
आयोजकों के अनुसार अभियान का पहला चरण 27 अप्रैल को संपन्न हुआ था, जबकि दूसरे चरण के अंतर्गत 27 जुलाई तक देश के लगभग 790 जिलों से 20 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रधानमंत्री को सौंपे गए। इसके बाद अभियान की समीक्षा और आगामी रणनीति तय करने के लिए 4, 5 और 6 अगस्त को दिल्ली के पीतमपुरा में बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के 790 जिलों से 1,500 से अधिक प्रचारकों ने भाग लिया।
4 अगस्त को नंदी बाबा के सान्निध्य में अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। 5 अगस्त को आयोजित मार्गदर्शक मंडल की बैठक में पूज्य राजेंद्र दास जी महाराज (मलूकपीठ), मुक्तानंद बापू (जूनागढ़), गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज, विवेकानंद जी महाराज सहित विश्व हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी अजित महापात्र, मिलिंद परांडे, शंकर बागड़ा, दिनेश जी तथा शंकर जी उपस्थित रहे। इसी बैठक में अभियान के तीसरे चरण की रूपरेखा और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।
अभियान के तीसरे चरण में देशभर की 2 लाख 65 हजार पंचायतों तक संगठनात्मक विस्तार कर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही 17 दिसंबर 2026 को प्रत्येक राज्य की राजधानी में मुख्यमंत्री के निजी सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान का लक्ष्य तीसरे चरण तक 51 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रधानमंत्री तक पहुंचाना है।
6 अगस्त को पीतमपुरा स्थित गोल्डन एप्पल में आयोजित विशेष मार्गदर्शन सत्र में देशभर से आए लगभग 2,000 प्रचारकों को आगामी अभियान की रणनीति, संगठन विस्तार और जनसंपर्क कार्यक्रमों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
अभियान के आयोजकों ने देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर गौ संरक्षण एवं गौ सम्मान से जुड़े इस राष्ट्रव्यापी जन अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

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