पुलिस की क्राइम ब्रांच (एनडीआर) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो सनसनीखेज हत्याकांड और एक मारपीट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी लवकुश उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई महीनों से लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों सहित कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस के अनुसार, 29 मार्च 2026 को डाबड़ी क्षेत्र के मधु विहार निवासी हनी, अनीश और रोहित कश्यप पर इलाके में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर लवकुश उर्फ जीतू, रोहित उर्फ नॉडी, हिमांशु उर्फ प्रेम और समीर ने चाकुओं से जानलेवा हमला किया था। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान हनी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई।घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भागने लगे। इसी दौरान उन्होंने जेप्टो डिलीवरी पार्टनर गोविंद झा की मोटरसाइकिल छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने गोविंद पर भी कई बार चाकू से हमला किया। अस्पताल में इलाज के दौरान गोविंद झा ने भी दम तोड़ दिया। इस संबंध में डाबड़ी थाने में दो अलग-अलग हत्या के मुकदमे दर्ज किए गए।जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने तीन आरोपियों रोहित उर्फ नॉडी, हिमांशु उर्फ प्रेम और समीर को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी लवकुश उर्फ जीतू लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू की व्यवस्था भी उसी ने की थी। अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे और बाद में उसके विरुद्ध उद्घोषणा की कार्रवाई भी की गई।क्राइम ब्रांच के एसीपी उमेश बर्थवाल के समग्र पर्यवेक्षण तथा इंस्पेक्टर योगेश कुमार और इंस्पेक्टर विनोद यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी। टीम में उपनिरीक्षक (SI) दीपेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी (HC) राजबीर, रामनिवास, परमानंद, कुलदीप, अंचल तथा महिला आरक्षी (W/CT) ज्ञानवती शामिल थीं।5 अगस्त 2026 को मुख्य आरक्षी परमानंद को सूचना मिली कि आरोपी द्वारका मोड़ क्षेत्र में आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर लवकुश उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने दो हत्याओं और एक अन्य गंभीर मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि वारदात के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलता रहा।पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय लवकुश उर्फ जीतू डाबड़ी का निवासी है। उसने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की और बाद में आर्थिक तंगी के कारण एक निजी अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में काम किया। इसी दौरान वह शराब की लत का शिकार हो गया और स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आकर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गया। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं।दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का कहना है कि राजधानी में वांछित और संगीन अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून से बचने वाले अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।






