पटना/दिल्ली, 12 सितम्बर। गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए नन्दी बाबा की अध्यक्षता एवं गोमाता के प्रधान संरक्षण में भारत के पूज्य संतों के पावन सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में चल रहे गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत पूज्य संतों के प्रतिनिधिमंडल ने 10 सितम्बर, गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार भेंट की।
प्रतिनिधिमंडल में ग्वाल संत पूज्य गोपालानंद सरस्वती जी, पूज्य अच्युतानंद महाराज (कृष्णायन गोशाला, हरिद्वार), पूज्य गोपेशकृष्ण दास जी (श्रीधाम वृंदावन) तथा पूज्य महंत स्वामी विवेकानंद महाराज (बोधगया मठ) सहित अन्य संत उपस्थित रहे।
संतों ने मुख्यमंत्री के समक्ष बिहार में गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को प्रभावी बनाने के लिए गो सम्मान आह्वान अभियान द्वारा रखी गई राज्य स्तरीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की। संतों ने आग्रह किया कि बिहार सरकार गोवंश संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य में ठोस एवं प्रभावी नीति बनाए।
संतों द्वारा रखी गई प्रमुख राज्य स्तरीय मांगों में—
- बिहार में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए प्रभावी एवं कठोर कानून का निर्माण एवं उसका सख्ती से पालन।
- गोवंश की तस्करी एवं अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई।
- निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रत्येक जिले में पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित गोशालाओं की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण।
- गोशालाओं को पर्याप्त अनुदान, चारा, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना।
- गोवंश के उपचार एवं स्वास्थ्य संरक्षण के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर पशु चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना।
- देशी एवं भारतीय वेदलक्षणा गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए विशेष योजना बनाना।
- किसानों एवं गोपालकों को गोपालन के लिए प्रोत्साहन तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना।
- गोमाता आधारित जैविक कृषि, पंचगव्य एवं गो-आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना।
- राज्य में गोसेवा एवं गोसंरक्षण के लिए एक प्रभावी राज्य स्तरीय नोडल व्यवस्था/प्राधिकरण का गठन करना।
- गोमाता के प्रति समाज में सम्मान एवं संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाना।
संतों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मांगों को बिहार सरकार की नीति में सम्मिलित कर गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संतों की बात को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सकारात्मक रुख व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि वे इन विषयों पर मंत्रिमंडल में चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल से चर्चा के उपरांत वे पुनः संतों को आमंत्रित करेंगे तथा बिहार राज्य में गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए आवश्यक नीति निर्माण एवं प्रभावी कार्ययोजना पर आगे की चर्चा की जाएगी।
संतों ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सरकार गोमाता के संरक्षण की दिशा में ठोस एवं ऐतिहासिक पहल करेगी। गो सम्मान आह्वान अभियान का उद्देश्य देशभर में गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए समाज, संत समाज तथा सरकार को एकजुट करते हुए आवश्यक नीतिगत एवं कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।





