दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगेगी लगाम

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर अब रोक लगेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस)-2025 बिल को लेकर बड़ा कदम उठाया है, जिसके चलते दिल्ली सचिवालय में सैकड़ों अभिभावकों ने पहुंचकर सरकार का धन्यवाद किया और इसे ऐतिहासिक बताया। यह विधेयक उन लाखों पैरेंट्स के लिए राहत की सांस लेकर आया है जो सालों से स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी से परेशान थे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में साफ किया कि उनकी सरकार राजधानी के किसी भी बच्चे के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी। निजी स्कूल अब बिना कमेटी के निर्णय के फीस नहीं बढ़ा पाएंगे, और यदि ऐसा करते हैं तो उन पर एक लाख से दस लाख रुपये तक का जुर्माना और स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द तक किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी दो टूक कहा कि अब शिक्षा को लूट का साधन नहीं बनने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली की सत्ता में आए केवल दो महीनों के भीतर ही सरकार ने इस मजबूत और न्यायपूर्ण विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 27 वर्षों से प्राइवेट स्कूल अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहे थे, लेकिन अब सरकार ने सभी 1677 निजी स्कूलों की फीस प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित करने की दिशा में निर्णायक पहल की है।

रेखा गुप्ता ने यह भी ऐलान किया कि दिल्ली सरकार 65 नए ‘सीएमश्री’ स्कूल खोलने जा रही है, जो निजी स्कूलों से भी बेहतर और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में अभिभावक खुद अपने बच्चों को गर्व से सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाना चाहेंगे।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने संवाद कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने फीस नियंत्रण को लेकर केवल दिखावा किया और निजी स्कूलों से ‘अंडर द टेबल’ सौदेबाजी होती रही। उन्होंने कहा कि अब सरकार की मंशा साफ है—बिना टकराव के, बच्चों और अभिभावकों को मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक शोषण से मुक्त करना।

कार्यक्रम में पहुंचे DPS द्वारका समेत कई निजी स्कूलों के अभिभावकों ने बताया कि वे साल 2020 से लगातार शिकायतें कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब नई सरकार के आने के बाद पहली बार उनकी आवाज़ सुनी गई और उस पर ठोस कार्रवाई भी हुई। डीएम की कमेटी द्वारा निजी स्कूलों की जांच की गई, और उसी के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर सख्त आदेश जारी किए।

अभिभावकों ने इस विधेयक को पारदर्शिता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब स्कूलों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे किस आधार पर फीस बढ़ा रहे हैं। इससे न सिर्फ फीस वृद्धि पर नियंत्रण होगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

अब इंतजार है दिल्ली विधानसभा के आगामी सत्र का, जहां इस विधेयक को पारित कर कानून का रूप दिया जाएगा। एक बार यह बिल कानून बन गया, तो दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश करेगी।

  • Leema

    Related Posts

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    भिवानी, 10 अक्टूबर। बच्चों को केवल पुस्तकों के माध्यम से महापुरुषों के जीवन से परिचित करवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को समझने और…

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    मुंबई (अनिल बेदाग): वस्त्र उद्योग की कंपनी पैरामाउंट सिंटेक्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है। कंपनी का 81.79 करोड़ रुपये का लघु एवं…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ