दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बेहतरीन और नज़दीकी स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर पेश करते हुए बताया कि सरकार अब हर मोहल्ले तक गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि “टाइम टू केयर” सिद्धांत पर आधारित यह पहल राष्ट्रीय राजधानी को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की ओर तेजी से बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस समय दिल्ली में 168 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह कार्यरत हैं, जबकि 187 नए केंद्र दिसंबर तक शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब इन केंद्रों को किराए के मकानों में नहीं चलाया जाएगा, क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त भवन उपलब्ध हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा रहे हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों को अब सामान्य बीमारियों के लिए बड़े अस्पतालों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि आरोग्य मंदिरों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ मौजूद होंगी। ये केंद्र आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत पुराने सब-हेल्थ सेंटर, पीएचसी और यूपीएचसी को अपग्रेड कर बनाए गए हैं, जहाँ उपचार के साथ-साथ रेफरल, मातृ-शिशु देखभाल, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धजन देखभाल, दंत सेवाएँ, एएनसी-पीएनसी, लैब टेस्ट, दवाइयाँ और आपातकालीन सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले की मोहल्ला क्लिनिक व्यवस्था सीमित थी और खराब होती इमारतें सेवाओं को विस्तार देने में बाधा बन रही थीं। लेकिन नए आरोग्य मंदिर मजबूत ढाँचे, आधुनिक उपकरणों और निर्धारित मानकों के साथ तैयार किए जा रहे हैं, जहाँ एक ही छत के नीचे लोगों को व्यापक सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार सभी आरोग्य मंदिर इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स (IPHS) के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिससे हर नागरिक को बराबर और निरंतर मेडिकल सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि जहाँ पहले मोहल्ला क्लिनिक चल रहे थे, वहाँ बिना किसी व्यवधान के स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की गई है। लोग नजदीकी आरोग्य मंदिर या सरकारी चिकित्सा केंद्रों से लगातार सेवाएँ पा रहे हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मॉडल सिर्फ इलाज देने का प्रयास नहीं, बल्कि लोगों के भीतर विश्वास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने का अभियान भी है। आरोग्य मंदिर दिल्ली के स्वास्थ्य ढाँचे को नई पहचान और नई दिशा दे रहे हैं, जिससे राजधानी एक स्वस्थ, सुरक्षित और भरोसेमंद भविष्य की ओर बढ़ रही है।






