बीते रविवार को क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पहली सफलता हासिल करते हुए लोनी (गाजियाबाद) में चल रही नकली फैक्ट्री का खुलासा किया था। पुलिस ने यहां से श्रीराम और गौरव भगत नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी, जहां से दो करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाइयां और भारी मात्रा में रॉ मैटीरियल बरामद किया गया था।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच प्रमोद कुमार गुप्ता तक पहुंची। टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पता चला कि प्रमोद ट्रेन से सूरत से दिल्ली लौट रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। पूछताछ में प्रमोद ने खुलासा किया कि वह ‘बेटनोवेट-सी’ नाम की स्किन क्रीम की नकली ट्यूब तैयार कर बाजार में सप्लाई करता है। उसकी निशानदेही पर क्राइम ब्रांच की टीम ने बिजवासन में चल रही फैक्ट्री पर छापा मारते हुए भारी मात्रा में रॉ मैटीरियल, तैयार क्रीम, नकली दवाइयां, पैकिंग मैटीरियल और ट्यूब बनाने से जुड़ी मशीनें जब्त कीं। जब्त सैंपलों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच से यह भी सामने आया कि आरोपी प्रमोद ने अपने एक साथी की गिरफ्तारी के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की और करीब 25 कार्टन—जिनमें 27,000 के करीब नकली बेटनोवेट-सी ट्यूब भरी थीं—आग के हवाले कर दिए। आरोपी की कमाई का तरीका भी बेहद चौंकाने वाला है: असली दवा या क्रीम की लागत का मात्र 5% खर्च कर वह इन्हें बाजार में 60 से 70% मुनाफे पर बेच देता था। ये नकली दवाइयां दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर भारत के कई राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि प्रमोद कुमार गुप्ता पिछले 30 सालों से अलग-अलग राज्यों और शहरों में किराए पर जगह लेकर नकली दवाइयों का कारोबार चला रहा था। पुलिस द्वारा बरामद सामग्री में क्रीम बनाने का कच्चा माल, फेयर एंड लवली और वीट क्रीम की हजारों खाली ट्यूब व रैपर, पैकिंग मशीनें, मिक्सिंग मशीनें और भारी मात्रा में तैयार नकली क्रीम शामिल है।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है और इस गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश जारी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि नकली दवाइयों का यह कारोबार करोड़ों रुपये में चलता था, और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





