दिल्ली के रोहिणी जिले में पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए चार दिन के नवजात शिशु के अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है। नॉर्थ रोहिणी थाना पुलिस ने इस अंधे मामले को सुलझाते हुए न केवल अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि उसे उसके माता-पिता से भी सकुशल मिलवा दिया। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई इंस्पेक्टर अमित कुमार, थाना प्रभारी नॉर्थ रोहिणी के नेतृत्व में, एसीपी रोहिणी श्री अतुल सूद की निगरानी में की गई। 31 दिसंबर 2025 को बच्चे की मां ने थाना नॉर्थ रोहिणी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका चार दिन का बेटा डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर (बीएसए) अस्पताल, रोहिणी से अगवा कर लिया गया है। शिकायत के आधार पर थाना नॉर्थ रोहिणी में एफआईआर संख्या 783/25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और अस्पताल परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। फुटेज के विश्लेषण में सामने आया कि एक महिला ने खुद को अस्पताल की कर्मचारी बताकर बच्चे की मां को झांसे में लिया और वैक्सीनेशन में मदद के बहाने नवजात को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वह बच्चे को तौलने के बहाने लेकर अस्पताल से फरार हो गई।
जांच के दौरान मौके पर मौजूद एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपनी एक साथी के साथ मिलकर इस अपहरण की साजिश रची थी। आरोपी महिला ने बताया कि सह-अभियुक्त अस्पताल की कर्मचारी नहीं थी और उसने बच्चे को आरोपी महिला की 14 वर्षीय बेटी के पास घर भेज दिया था। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए आरोपी के घर पर दबिश दी और नवजात बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
आगे की कार्रवाई में पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना के आधार पर दूसरी आरोपी महिला को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी का बच्चे की मां और उसकी मां से पुराना व्यक्तिगत विवाद था। इसी रंजिश के चलते सबक सिखाने के इरादे से उसने इस अपहरण की साजिश रची।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। रोहिणी जिला पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की हर ओर सराहना हो रही है, जिसने एक मासूम की जान बचाकर उसे उसके परिवार से मिलवाया।




