दिल्ली क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II टीम ने एक लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। जिस बंटी को पकड़ने के लिए पुलिस वर्षों से प्रयास कर रही थी, वह आखिरकार रनाजी एन्क्लेव, मकसूदाबाद से पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बंटी आर्म्स एक्ट के एक पुराने केस में उद्घोषित अपराधी था और महेंद्र पार्क की लूट के मामले में भी उसका हाथ बताया जाता है।
28 वर्षीय बंटी, निवासी जहांगीरपुरी, 2021 के आर्म्स एक्ट मामले में जमानत पर बाहर आने के बाद से लगातार फरारी काट रहा था। कोर्ट ने 25 अक्टूबर 2025 को उसे Proclaimed Offender घोषित कर दिया था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा और ट्रक ड्राइवर की नौकरी के बहाने दिल्ली से बाहर भी जाता रहता था।
क्राइम ब्रांच को उसकी गिरफ्तारी की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई। SI रविंदर को पता चला कि बंटी जल्द ही रनाजी एन्क्लेव में आने वाला है। इस सूचना पर ACP राजपाल दहिया की निगरानी में इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी निगरानी शुरू की और बंटी की लोकेशन ट्रैक करते हुए इलाके में जाल बिछाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया।
बंटी का आपराधिक रिकॉर्ड भी कम नहीं है। उससे पहले वह महेंद्र पार्क थाने में दर्ज दो मामलों में आरोपी रह चुका है, जिनमें एक लूट के दौरान हमला और दूसरा अवैध हथियार रखने का है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह अपने पिता के साथ ट्रक में हेल्पर का काम करता था, लेकिन गलत संगत में पड़कर नशे की लत लग गई और अपराध की राह पर चल पड़ा।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने दो थानों के पुराने मामलों की गुत्थी सुलझाने का रास्ता खोल दिया है। बंटी के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों की जांच अब तेज कर दी गई है।







