ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में होली का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, प्रेम और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन की अंतरराष्ट्रीय निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती जी के सान्निध्य में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने रंग, फूलों, भजन और उत्सव के माध्यम से होली का आनंद लिया।
कार्यक्रम में पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी के आशीर्वाद से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग और फूलों से होली की शुभकामनाएं दीं। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति गीत, संगीत और उल्लास का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि प्रेम, एकता, आनंद और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चेहरे पर लगा रंग तो कुछ ही समय में धुल जाता है, लेकिन प्रेम, एकता और भक्ति का रंग हृदय में हमेशा बना रहता है।
होली उत्सव में बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक शामिल हुए। सभी ने फूलों की होली खेलकर और भजन-कीर्तन के साथ इस पर्व को यादगार बना दिया।




