नई दिल्ली से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 1400 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफदरजंग रेलवे स्टेशन से यात्रा की शुरुआत कर इसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को ‘हजारों वर्षों की अटूट आस्था’ से जोड़ते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में ऐसे प्रयास हो रहे हैं, जो हमारी परंपराओं और पहचान को नई ऊर्जा दे रहे हैं।
दिल्ली सरकार की इस पहल के तहत श्रद्धालुओं की यात्रा, भोजन और अन्य सुविधाओं का पूरा खर्च उठाया जा रहा है, जबकि गुजरात सरकार द्वारा आवास और स्थानीय व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यह देश की पहली ऐसी पहल मानी जा रही है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को संगठित तरीके से सोमनाथ यात्रा पर भेजा गया है।
इस दौरान श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ट्रेन में डॉक्टरों की टीम, सुरक्षा बल और हाउसकीपिंग स्टाफ की विशेष व्यवस्था की गई है।
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह पहल केवल यात्रा नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास, सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास है। 5 मई तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित की गई है।
सफदरजंग स्टेशन पर हुए भव्य कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया, जिससे यह यात्रा आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गई।





