नई दिल्ली, 9 मई 2026 – 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026 सिर्फ खेल का उत्सव नहीं रही, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंतता का भी बेहतरीन प्रदर्शन साबित हुई। टूर्नामेंट के दौरान हर चौका और छक्का दर्शकों के लिए भांगड़ा और गिद्दा की रंगीन प्रस्तुतियों के साथ उत्सव का हिस्सा बना।
अमावस्या फाउंडेशन और इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने खेल, सांस्कृतिक प्रदर्शन और सामाजिक जागरूकता को एक साथ पेश किया।
आयोजक राजीव निशाना ने कहा,
“हमने इस बार कोशिश की कि क्रिकेट के रोमांच के साथ भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को भी सामने लाया जाए। हर चौके और छक्के के साथ भांगड़ा और गिद्दा के रंग ने इसे और यादगार बना दिया।”
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। दर्शकों ने भी इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया।
यमुना ट्रॉफी 2026 इस बार खेल, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत मेल बनकर लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।






