राजधानी में अपराध पर लगाम कसने और जांच को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली पुलीस की क्राइम ब्रांच ने एक अहम पहल की है। पुलिस मुख्यालय, जय सिंह रोड स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में 458 वरिष्ठ अधिकारियों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और फॉरेंसिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को हाईटेक जांच, डिजिटल पोर्टल्स के उपयोग और फॉरेंसिक साक्ष्यों के सही संग्रह व संरक्षण के लिए तैयार करना था। इस सत्र का संचालन विशेष पुलिस आयुक्त (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न एजेंसियों के विशेषज्ञों ने अधिकारियों को आधुनिक जांच प्रणाली से जुड़ी अहम जानकारियां दीं। इसमें NATGRID, FSL रोहिणी, C-DOT, ANTF और CCTNS जैसे प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल, मोबाइल ट्रैकिंग, IMEI ब्लॉकिंग, NDPS मामलों की जांच और MCOCA केस की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपराधियों की जानकारी, केस ट्रैकिंग और अलर्ट सिस्टम को और प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे जांच की गति और सटीकता दोनों बढ़ें।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने इस पहल को पुलिसिंग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इससे भविष्य में अपराध जांच और कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।






