भारत मंडपम में चल रहे 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर के हॉल नंबर 5 और 6 आज तब रोशन हो उठे, जब केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने MSME, KVIC, COIR और NSSH पवेलियनों का औपचारिक उद्घाटन किया। उनके साथ MOS शोभा करंदलाजे, KVIC के चेयरमैन मनोज कुमार और MSME सचिव एस.सी.एल. दास भी मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद मंत्री मंडल ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और पारंपरिक निर्माण प्रक्रियाओं के लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखकर कारीगरों और उद्यमियों का उत्साह बढ़ाया।
“वाइब्रेंट MSMEs, विकसित भारत” थीम वाला MSME पवेलियन देशभर के टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स, ग्लास-सीरामिक, लेदर, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, मेटल क्राफ्ट, ड्राई-फ्रूट्स, फूड आइटम्स और विश्वकर्माओं के कौशल को एक ही छत के नीचे पेश कर रहा है।
कोयर बोर्ड पवेलियन में 31 प्रतिभागी अपने अनोखे कोयर उत्पाद—हैंडलूम मैट्स, कारपेट, हैंडमेड टॉयज, ऑर्नामेंट्स से लेकर जियो-टेक्सटाइल्स तक—प्रदर्शित कर रहे हैं, जो पारंपरिक कारीगरों की निपुणता की मिसाल हैं।
वहीं, “विकसित भारत @2047” थीम वाला खादी इंडिया पवेलियन 150 से अधिक प्रदर्शकों के साथ खादी और ग्रामीण उद्योगों की सशक्त तस्वीर दिखा रहा है। खास बात यह है कि इसमें SC/ST/OBC समुदायों के 101 प्रतिनिधि और 47 महिला उद्यमी भी शामिल हैं, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत कर रहे हैं।
हॉल नंबर 5 में लगा NSSH पवेलियन SC/ST उद्यमियों के 35 स्टॉलों को एक प्लेटफॉर्म दे रहा है, जहां फुटवियर, स्पोर्ट्स गुड्स, हैंडीक्राफ्ट, बांस उत्पाद, मशीन पार्ट्स, फूड आइटम्स और लेदर गुड्स जैसी विविध रेंज खरीदारों को आकर्षित कर रही है।
IITF 2025 इन सभी पवेलियनों के माध्यम से देशभर के कारीगरों, उद्यमियों और महिला शिल्पियों को नए अवसर, बेहतर बाजार और आत्मनिर्भरता की राह मजबूत करता दिख रहा है।









