दिल्ली। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कुल 1,053 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की ANTF यूनिट द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर शिव कुमार कर रहे थे। ऑपरेशन की निगरानी एसीपी राजकुमार द्वारा की गई। टीम को विशेष खुफिया सूचना मिली थी कि दिल्ली में एक बड़ा ड्रग्स सौदा होने वाला है। इसी इनपुट के आधार पर 1 जुलाई 2025 को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल, जीरो पुस्ता रोड के पास एक छापेमारी की गई। मौके से दो आरोपियों – अनस खान और सुधीर कुमार – को एक हेरोइन सौदे के दौरान रंगे हाथों पकड़ लिया गया। दोनों आरोपी सफेद रंग की मारुति सुज़ुकी बलेनो (UP 24AV 8148) कार में सवार थे, जिसे भी जब्त कर लिया गया।
पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब तलाशी ली गई तो अनस खान के पास से 527 ग्राम और सुधीर कुमार के पास से 526 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाना में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 166/2025 दर्ज कर ली गई है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह तस्कर गिरोह उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से ड्रग्स की सप्लाई करता था। अनस खान इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जो बदायूं निवासी एक सप्लायर अवनीश से हेरोइन लेकर दिल्ली-एनसीआर में इसकी आपूर्ति करता था। सुधीर कुमार उर्फ ऋतिक उसकी मदद लॉजिस्टिक और ग्राउंड स्तर पर वितरण में करता था।
गिरफ्तार आरोपी अनस खान (26 वर्ष) पेशे से लिप्टिस के व्यापार से जुड़ा था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसने नशे की दुनिया का रुख किया। वहीं, सुधीर कुमार (27 वर्ष) एक किराना दुकान में हेल्पर का काम करता था और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़े ड्रग सप्लाई चैनल को ध्वस्त किया है, बल्कि राजधानी में नशे के फैलते जाल को तोड़ने की दिशा में अहम कड़ी भी जोड़ी है। दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस किस तरह गंभीरता से ड्रग्स के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए है।





