नई दिल्ली।
दिल्ली के अपराध जगत का नामी चेहरा और अदालत से फरार घोषित अपराधी विकेश सिंह उर्फ सिक्का उर्फ एक्का आखिरकार क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। 25 वर्षीय विकेश, उत्तम नगर के हथियार अधिनियम मामले में पिछले एक साल से पुलिस और अदालत दोनों को चकमा दे रहा था। 23 जुलाई 2025 को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था, लेकिन 5 अगस्त की सुबह उसका खेल खत्म हो गया।
क्राइम ब्रांच की WR-II टीम को गुप्त खबर मिली कि सिक्का अपने ठिकाने कृष्णा कॉलोनी, उत्तम नगर आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर पवन सिंह की टीम, एसीपी राजपाल दाबस के निर्देशन और डीसीपी हर्ष इंदोरा की देखरेख में एक्शन मोड में आ गई। इलाके में जाल बिछाया गया, तकनीकी निगरानी से लोकेशन पक्की की गई और फिर एक तेज़-तर्रार ऑपरेशन में सिक्का को दबोच लिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड खोलें तो सिक्का का क्राइम कैरियर किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं। चोरी, स्नैचिंग से लेकर हथियार रखने तक – 2017 से अब तक आधा दर्जन से ज्यादा केस उसके नाम दर्ज हैं। 1999 में यूपी के मुरादाबाद जिले के बिडवारी गांव में जन्मा, बचपन में ही अनाथ हो गया। दिल्ली आकर एमसीडी में सीवर साफ करने का काम शुरू किया, लेकिन जल्द ही नशे की लत और गलत संगत ने उसे अपराध की अंधेरी गलियों में धकेल दिया।
2017 में पहली गिरफ्तारी, फिर कई केस, और हर बार बाहर आकर नया अपराध। 2023 में आर्म्स एक्ट में पकड़ा गया, लेकिन इस बार कोर्ट की तारीख से गायब होकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। अब क्राइम ब्रांच ने उसकी चुनौती का जवाब दे दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि फरारी के दौरान सिक्का किन-किन वारदातों में शामिल रहा। क्राइम ब्रांच की ये गिरफ्तारी पश्चिमी दिल्ली में हथियारबंद अपराधियों के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।







