मामू ढाबे से सिनेमा तक: जेएनयू की रूह को पर्दे पर उतारेंगे ‘जेएनयू टाइम्स’ के निर्देशक डॉ. शहजाद इब्राहिमी

जेएनयू का मशहूर मामू ढाबा, जहां चाय की भाप के साथ विचारों की आंच हमेशा तेज रही है, अब सिनेमा की दुनिया में एक नई कहानी रचने जा रहा है। ढाबे के मालिक डॉ. शहजाद इब्राहिमी उर्फ मामू अब फिल्म निर्माता के रूप में सामने आए हैं और उनकी आने वाली फिल्म ‘जेएनयू टाइम्स’ कैंपस की अनकही, अनदेखी और अनसुनी कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी में है।

मामू का कहना है कि उनका रिश्ता कैमरे से नया नहीं है। 2002 में ईटीवी से मीडिया करियर की शुरुआत कर चुके मामू ने रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कैमरा संचालन जैसे तमाम पहलुओं को नजदीक से समझा। जेएनयू से मीडिया की पढ़ाई और विभिन्न चैनलों में काम के अनुभव ने उन्हें यह सोच दी कि सिनेमा के जरिए समाज को उसकी सच्ची तस्वीर दिखाई जा सकती है। ढाबे पर बैठकर वर्षों तक छात्रों, प्रोफेसरों, आईएएस अधिकारियों, नेताओं और बुद्धिजीवियों से हुई बातचीत ने ही ‘जेएनयू टाइम्स’ की नींव रखी।

उनके अनुसार यह फिल्म काल्पनिक नहीं, बल्कि उनके जिए हुए अनुभवों का दस्तावेज होगी। हर किरदार किसी न किसी सच्चे चेहरे और सच्चे एहसास से जुड़ा होगा। फिल्म का नाम ‘जेएनयू टाइम्स’ इसलिए रखा गया क्योंकि यह 1990 के दशक से लेकर आज तक के जेएनयू के समय, माहौल और बदलावों को समेटे हुए है। राजनीति, अकादमिक संस्कृति, दोस्ती, प्रेम, बहस, त्योहार और कैंपस की तहज़ीब—सब कुछ इस फिल्म का हिस्सा होगा।

मामू मानते हैं कि जेएनयू सिर्फ राजनीति का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सौहार्द की मिसाल भी है, जहां होली मिलन और ईद मिलन जैसी परंपराएं कैंपस की पहचान रही हैं। उनकी फिल्म में यही विविधता और भाईचारा झलकेगा। महिलाओं को भी फिल्म में विशेष और सम्मानजनक स्थान दिया गया है, जो उनके निजी जीवन की सोच को भी दर्शाता है। उनकी पत्नी मोना और जीवन की अन्य महिलाओं से मिली प्रेरणा इस फिल्म की संवेदनशीलता को और मजबूत बनाती है।

फिल्म की कास्टिंग में वे उन्हीं चेहरों को लाना चाहते हैं जिनमें जेएनयू का अतीत और वर्तमान जीवित है। छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और पूर्व छात्र—सभी को जोड़ने की उनकी कोशिश है। खास बात यह है कि ‘जेएनयू टाइम्स’ की शुरुआत वे शून्य बजट से कर रहे हैं, जिसे वे जुनून और विश्वास की ताकत मानते हैं।

मामू की ख्वाहिश है कि यह फिल्म सिर्फ जेएनयू तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी दुनिया देखे और समझे कि जेएनयू क्या है। उनके लिए यह फिल्म केवल सिनेमा नहीं, बल्कि उस अहसास का विस्तार है जिसे वे दशकों से ढाबे की चाय और चर्चाओं के बीच जीते आ रहे हैं। ‘जेएनयू टाइम्स’ दरअसल जेएनयू की आत्मा का सिनेमाई दस्तावेज बनने जा रही है।

वरिष्ठ पत्रकार मालिनी श्रीवास्तव

  • Leema

    Related Posts

    1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 1994 बैच के एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police) नियुक्त…

    स्पेशल सेल ने मंजीत महल गैंग के इनामी गैंगस्टर लोकेश उर्फ सूर्या को दबोचा

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (साउथ वेस्टर्न रेंज) ने कुख्यात मंजीत महल गैंग के सक्रिय सदस्य एवं ₹20,000 के इनामी बदमाश लोकेश उर्फ सूर्या को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर बड़ी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कांवड़ यात्रा–2026 की तैयारियों को लेकर पूर्वी जिला पुलिस की अहम बैठक, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा

    कांवड़ यात्रा–2026 की तैयारियों को लेकर पूर्वी जिला पुलिस की अहम बैठक, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा

    देश में पहली बार MAMC-लोक नायक अस्पताल ने बनाया नया कीर्तिमान, 345 बच्चों की वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी पूरी

    देश में पहली बार MAMC-लोक नायक अस्पताल ने बनाया नया कीर्तिमान, 345 बच्चों की वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी पूरी

    1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त

    1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त

    एकांकी संकलन ‘एक मलिन पन्ना’ ने बटोरी सराहना, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने लेखक जेपी सहज को दी शुभकामनाएँ

    एकांकी संकलन ‘एक मलिन पन्ना’ ने बटोरी सराहना, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने लेखक जेपी सहज को दी शुभकामनाएँ

    शाहदरा नॉर्थ ज़ोन के अध्यक्ष बने निगम पार्षद पंकज लूथरा, बधाई देने समर्थकों और भाजपा नेताओं का लगा तांता

    शाहदरा नॉर्थ ज़ोन के अध्यक्ष बने निगम पार्षद पंकज लूथरा, बधाई देने समर्थकों और भाजपा नेताओं का लगा तांता

    ऑपरेशन ‘चक्र’ में द्वारका पुलिस की बड़ी सफलता, 72 घंटे में 30 वाहन चोर गिरफ्तार, 64 चोरी के वाहन बरामद

    ऑपरेशन ‘चक्र’ में द्वारका पुलिस की बड़ी सफलता, 72 घंटे में 30 वाहन चोर गिरफ्तार, 64 चोरी के वाहन बरामद