दिल्ली, 13 मई 2025: समर्पण, प्रेम और सेवा की मिसाल युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी महाराज को समर्पित समर्पण दिवस पर संत निरंकारी मिशन ने एक भावनात्मक वर्चुअल संत समागम का आयोजन किया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु ऑनलाइन जुड़े और बाबा जी की पुण्य स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि समर्पण केवल शब्दों का जाल नहीं, बल्कि जीवन के हर कर्म में झलकना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाबा जी की शिक्षाओं को सिर्फ मंच या सोशल मीडिया तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन में उतारकर ही सच्चा समर्पण प्रकट किया जा सकता है।
इस अवसर पर श्रद्धेय अवनीत जी को याद करते हुए उन्हें समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया।
समर्पण दिवस पर ‘हरदेव वचनामृत’ नामक संकलन का विमोचन भी किया गया, जिसमें बाबा जी के प्रेरणादायक विचार और सत्संग वचनों को संग्रहीत किया गया है। यह संग्रह न केवल एक ग्रंथ है, बल्कि अध्यात्मिक मार्गदर्शन की अमूल्य धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेम, सेवा और विनम्रता का संदेश देता रहेगा।
समर्पण दिवस, बाबा जी की शिक्षाओं को आत्मसात कर जीवन को अर्थवत्ता देने का अवसर बन गया, जिससे हर श्रद्धालु के अंतर्मन में उनकी छवि और भी गहराई से बस गई।







