आयोग की महा सुनवाई – प्रयास बिखरते परिवार को जोड़ने के लिए मील का पत्थर साबित होंगे : विजय गौड़

जिस संवेदनशीलता ने आयोग सदस्याएँ महा सुनवाई कर रही थी , सचमुच सदस्याएँ प्रशंसा एवं सराहना की पात्र है और आयोग अध्यक्ष के कुशल नेतृत्व को सलाम तो बनता
है : राष्ट्रीय महिला आयोग की महा जनसुनवाई के पहले दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर एवं आयोग के सदस्यों ने महिलाओं की शिकायतें राष्ट्रीय महिला आयोग मुख्यालय में सुनीं तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अगले चार दिन भी महिलाओं के लंबित मामलों को सुना गया व उन्हें त्वरित समाधान देने का पूरा प्रयास जारी है । राजधानी दिल्ली में अगस्त माह 2025 के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय शिक्षक दिवस आयोजन समिति का एक प्रतिनिधि मंडल विजय गौड़ अध्यक्ष भागीदारी जन सहयोग समिति के नेतृत्व में राष्ट्रीय महिला आयोग पहुँचा और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष महोदया से मिला । इस अवसर पर आयोग द्वारा चल रही महा जनसुनवाई की कार्रवाही को सभी प्रतिनिधि मंडल सदस्यों को देखने का सोभाग्य मिला । प्रतिनिधि मंडल आयोग सदस्याए सुश्री ममता कुमारी एवं सुश्री डेलिना खोंगडुप से व्यक्तिगत रूप से मिला जहाँ आयोग सदस्या सुश्री ममता कुमारी ने विस्तार से महिलाओं की समस्याओं और समाधान की प्रमुख चुनौतियों प्रकाश डाला । इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे विजय गौड़ अध्यक्ष भागीदारी जन सहयोग समिति , डॉ. पारुल शर्मा – एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, डीपीएसआरयू डॉ. जितेन्द्र मुंजाल – एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक, डीपीएसआरयू . डॉ0 सायन चटर्जी प्रोग्राम ऑफिसर एनएसएस गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, अधिवक्ता रितु दुबे न्याय बोध फ़ाउंडेशन , भागीदारी जन सहयोग समिति से प्रतिनिधि कमलेश शर्मा एवं डॉ0 नीरजा चतुर्वेदी, एनएसएस स्वयंसेवक, डीपीएसआरयू से – कुमारी प्रिया शर्मा, कुमारी जसप्रीया, और कुमारी दिव्यांशी । प्रतिनिधि मंडल के सभी सदस्य कुछ उन पीड़ित महिलाओं से भी मिले जो इस महा सुनवाई में आई थी अधिकांश महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान एवं आयोग के प्रति कृतज्ञता एवं आत्म विश्वास के भाव झलक रहे थे । प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख विजय गौड़ ने कहा कि इस प्रकार की महा सुनवाई – प्रयास टूटते / बिखरते परिवार को जोड़ने के लिए मील का पत्थर साबित होंगे । जिस संवेदनशीलता ने आयोग सदस्याएँ महा सुनवाई कर रही थी , सचमुच सदस्याएँ प्रशंसा एवं सराहना की पात्र है और आयोग अध्यक्ष के कुशल नेतृत्व को सलाम तो बनता है ।

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