खजूरी खास में केंद्रीय विद्यालय की नई इमारत का भूमिपूजन, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बोलीं—अब बच्चों को दूर नहीं जाना पड़ेगा

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में केंद्रीय विद्यालय की स्थायी इमारत के निर्माण के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भूमिपूजन किया और साथ ही स्कूल के अस्थायी परिसर का उद्घाटन भी किया, ताकि कक्षाएं बिना देरी शुरू हो सकें। इस अवसर को करावल नगर और पूरे उत्तर-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अच्छे शैक्षणिक संस्थानों की कमी रही है और अब तक यहां केवल एक ही केंद्रीय विद्यालय था। नए विद्यालय की स्थापना से न केवल प्रवेश का दबाव कम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी विकसित होगा। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर ट्रांस-यमुना क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के समन्वित प्रयासों से शिक्षा, सड़क, पानी, सीवर, फ्लाईओवर और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में तेज गति से विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि करावल नगर क्षेत्र में मेट्रो परियोजना जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह सिर्फ एक स्कूल का उद्घाटन नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के समग्र विकास की शुरुआत है। वर्षों तक यहां के छात्रों को 4–5 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ता था। करीब 27 साल बाद इस क्षेत्र में दूसरा केंद्रीय विद्यालय खुलना सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।

पर्यटन मंत्री और करावल नगर के विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में करावल नगर अभूतपूर्व विकास के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रांस-यमुना एरिया डेवलपमेंट बोर्ड का पुनर्गठन कर 728 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, जबकि करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। दिल्ली मेट्रो विस्तार और देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे लंबे समय से लंबित सपने अब साकार होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

इस नए विद्यालय के शुरू होने के साथ ही दिल्ली में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है, जहां वर्तमान में लगभग 1.19 लाख से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं। यह पहल न केवल स्थानीय बच्चों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएगी, बल्कि विकसित दिल्ली के लक्ष्य को भी नई मजबूती देगी।

  • Leema

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