दिल्ली के बदरपुर में ब्लाइंड मर्डर-लूट की वारदात सुलझी, तीन आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के बदरपुर इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या और लूट की वारदात का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की ऑपरेशंस और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने इस अंधे कत्ल के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल चाकू, लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में प्रयोग की गई स्कूटी को भी बरामद कर लिया है।

दरअसल 26 जुलाई की सुबह करीब पौने छह बजे बदरपुर बस स्टैंड के पास एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके से पहचान के कोई दस्तावेज नहीं मिले थे, लेकिन पुलिस ने लगातार प्रयास कर मृतक की पहचान मखबूल अकरम के तौर पर की, जो मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण का रहने वाला था और फिलहाल मिथापुर एक्सटेंशन इलाके में रहता था।

हत्या और लूट की इस वारदात में कोई चश्मदीद नहीं था, ऐसे में पुलिस के लिए इसे सुलझाना बड़ी चुनौती थी। पुलिस की कई टीमें बनाकर टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया गया और करीब 1000 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में एक संदिग्ध स्कूटी नजर आई, जो बार-बार इलाके में घूमती दिखी। खास बात यह थी कि स्कूटी का हेडलाइट खराब था और वह गलत दिशा में चल रही थी। इसी सुराग के सहारे टीम ने आरोपियों की पहचान तक पहुंच बनाई।

CCTV फुटेज को ट्रैक करते हुए पुलिस टीम ने स्कूटी को जैनपुर और अरपन विहार इलाके तक ट्रेस किया, जहां एक कैमरे में आरोपियों के चेहरे साफ नजर आ गए। इसके बाद पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस के जरिये स्कूटी चला रहे युवक मोसिन उर्फ नूर को हरियाणा के बसंतपुर इलाके में एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मोसिन ने खुलासा किया कि उसने अपने दो साथियों हिमांशु और दीपक के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। तीनों ने नशे की हालत में बदरपुर इलाके में युवक को मोबाइल पर व्यस्त देखा और उस पर हमला बोल दिया। लूट के दौरान हिमांशु ने दीपक के कहने पर पीड़ित को चाकू मार दिया और तीनों स्कूटी से फरार हो गए।

पुलिस ने हिमांशु और दीपक को भी मोलरबंद गांव से दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि हिमांशु के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मोसिन और दीपक पहले कभी किसी केस में शामिल नहीं रहे थे। तीनों के पास से वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, चाकू, मोबाइल और उस वक्त पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए गए हैं।

इस पूरी कार्रवाई में ऑपरेशंस यूनिट, स्पेशल स्टाफ और तकनीकी टीम की सतर्कता और मेहनत से एक और ब्लाइंड केस का खुलासा हो सका। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस की इस कामयाबी ने साबित कर दिया कि कोई भी अपराधी कानून के लंबे हाथों से ज्यादा देर तक बच नहीं सकता।

  • Leema

    Related Posts

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    जब भी मंच पर ऐसा कलाकार आता है, जिसकी उपस्थिति मात्र से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो समझ लीजिए कि वह केवल कलाकार नहीं, बल्कि लोगों के…

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    नई दिल्ली। देशभर में संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण की औपचारिक घोषणा दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा एवं मार्गदर्शन बैठक में की गई। अभियान…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’