दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद इसरार उर्फ कट्टा के रूप में हुई है, जो दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों को अवैध हथियार सप्लाई करता था।
क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड (AGS) को आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। वह कई गंभीर मामलों में वांछित था और कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली-लोनी बॉर्डर के पास जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध पिस्टल भी बरामद की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसने रोहतक के आरोपियों को हथियार मुहैया कराए थे, जिनका इस्तेमाल हरियाणा के सोनीपत में एक सनसनीखेज हत्या में किया गया था। इस घटना में आरोपियों ने बदला लेने के लिए सरेआम कई राउंड फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी पेशे से बढ़ई था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे बड़े गैंग्स से जुड़कर हथियार सप्लाई करने लगा। जेल में रहने के दौरान उसकी पहचान कुख्यात अपराधियों से हुई, जिसके बाद वह संगठित गिरोहों का अहम हिस्सा बन गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कैराना इलाके में अवैध हथियार बनाने की यूनिट भी चला रहा था, जिसे कुछ समय पहले पुलिस ने ध्वस्त किया था। इसके बावजूद वह फरार होकर लगातार अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराता रहा।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





