दिल्ली में हरियाली का महाअभियान—70 लाख पौधारोपण का लक्ष्य, ‘मां के नाम’ पेड़ लगाकर बनेगा जनआंदोलन

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से निपटने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने इसे एक जनआंदोलन बनाने का लक्ष्य रखा है।

सरकार के ‘ग्रीन एक्शन प्लान 2026–27’ के तहत दिल्ली में 70 लाख से अधिक पेड़, पौधे और झाड़ियां लगाने की योजना है, जिसमें 22 विभाग मिलकर काम करेंगे। इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग को जोड़ा जा रहा है—स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, धार्मिक संस्थाएं और आरडब्ल्यूए सभी को इसमें शामिल किया गया है।

इसी कड़ी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में IIT दिल्ली, NSUT और जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रमुख संस्थानों सहित 20 से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को इस अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

पर्यावरण मंत्री ने साफ किया कि इस बार सिर्फ पेड़ लगाने पर ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण पर भी बराबर ध्यान दिया जाएगा। सरकार की ओर से सभी संस्थानों को मुफ्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे और उन्हें अपने परिसर में पौधारोपण के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अभियान को भावनात्मक रूप देने के लिए 8 लाख से अधिक लोगों को ‘मां के नाम’ और ‘मदर नेचर’ के लिए पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब लोग अपने नाम से नहीं बल्कि अपने रिश्तों और भावनाओं से पेड़ लगाएंगे, तो उनकी देखभाल भी उतनी ही जिम्मेदारी से करेंगे।

पौधारोपण के बाद निगरानी को लेकर भी सरकार ने सख्त व्यवस्था बनाई है। हर पौधे की जियो-फेंसिंग की जाएगी और उसे ‘ग्रीन ड्राइव 2026–27 पोर्टल’ पर ट्रैक किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

इसके अलावा, उन संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए ‘ग्रीन अवॉर्ड्स’ की शुरुआत की जा रही है, जो लगाए गए पेड़ों की सबसे बेहतर देखभाल करेंगे और उनकी लंबी उम्र सुनिश्चित करेंगे।

जुलाई 2026 में मानसून के दौरान इस अभियान को बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा, ताकि पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। सरकार का मानना है कि अगर हर संस्थान और नागरिक इस पहल में भागीदारी निभाए, तो दिल्ली को हरित और स्वच्छ बनाने का सपना हकीकत में बदला जा सकता है।

इस पहल के जरिए सरकार न सिर्फ हरियाली बढ़ाना चाहती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित करना चाहती है।

  • Leema

    Related Posts

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    जब भी मंच पर ऐसा कलाकार आता है, जिसकी उपस्थिति मात्र से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो समझ लीजिए कि वह केवल कलाकार नहीं, बल्कि लोगों के…

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    नई दिल्ली। देशभर में संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण की औपचारिक घोषणा दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा एवं मार्गदर्शन बैठक में की गई। अभियान…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’